मधुपुर. शहर के स्टेशन रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट परिसर में महात्मा गांधी के आगमन की शताब्दी पर आयोजित ””””सौ साल बेमिसाल”””” कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को एक समारोह आयोजित कर ””””अतुल्य मधुपुर”””” नामक एक विशेष पुस्तक का लोकार्पण प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण सह जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन, तुषार गांधी, एसडीओ राजीव कुमार, अशोक चौधरी, विजय प्रताप, कलानंद मणि, डॉ सुनिलम, सौरभ, डॉ अलका, सुधीर गंडोत्रा, शिव कुमार गुप्ता, रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ अरुण कुमार गुटगुटिया, डॉ सुमन लता, नागरिक समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर मंत्री हसन ने सौ वर्ष पूर्व 1925 में महात्मा गांधी द्वारा उद्घाटित किये गये नगरपालिका भवन को गांधी हेरिटेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की. कहा कि जिसका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों को स्मरण कर सकें. उन्होंने कहा कि मधुपुर के इतिहास में आज तक इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था. वे बचपन से बापू के बारे में सुनते थे, आज उनके प्रपौत्र तुषार गांधी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. यह मधुपुर मामूली नहीं है, यह मधुपुरियत से भरपूर है. वे मधुपुर की इस पहचान को बनाये रखने के लिए हमेशा खड़ा रहेंगे. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की ओर से इस कार्यक्रम के लिए धनराशि उपलब्ध कराया गया था. उन्होंने मधुपुर के सामाजिक परिवेश में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया. कहा कि कुछ लोगों द्वारा मधुपुरियत को बिगाड़ने की कोशिशों को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. तुषार गांधी ने ””””अतुल्य मधुपुर”””” पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय और राष्ट्रीय भाषाओं के साथ-साथ छह भाषाओं में इस पुस्तक का निर्माण काबिल-ए-तारीफ है. यह एक सराहनीय प्रयास है. उन्होंने मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिवेश पर चर्चा करते हुए कहा कि जब भारत में नफरत का माहौल बनने लगा, तब हमने इसके प्रतिकार का प्रयास किया. हम नफरत के खिलाफ मोहम्मद साहब के पैगाम को आगे बढ़ा रहे है. हमारा उद्देश्य लोकतंत्र में संविधान के महत्व को लोगों तक पहुंचाना है. आयोजन समिति के अध्यक्ष घनश्याम ने कहा कि संपादक मंडली ने मधुपुर के इतिहास को समेटते हुए इस पुस्तक को तैयार किया है. 384 पन्नों की इस पुस्तक को छह अध्यायों में विभाजित किया गया है और इसे छह अलग-अलग भाषाओं में लिखा गया है, जो मधुपुर के इतिहास और संस्कृति को एक ही स्थान पर संजोये हुए है. मौके पर पंकज पीयूष, इबरार ताबिंदा, अरुण निर्झर, सुबल प्रसाद सिंह, श्याम, अल्ताफ हुसैन, शबाना परवीन, अलाउद्दीन अंसारी, दिनेश्वर किस्कू, साकीब अंसारी, धनजंय प्रसाद समेत दर्जनों लोग मौजूद थे. हाइलार्ट्स : ””””सौ साल बेमिसाल”””” कार्यक्रम के अंतिम दिन ””””अतुल्य मधुपुर”””” पुस्तक का मंत्री ने किया लोकार्पण मधुपुर के स्टेशन रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजन
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