देवीपुर. एम्स में फायर सेफ्टी वीक 2026 के तहत जागरूकता और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया. फायर सेफ्टी वीक के चौथे दिन अस्पताल के विभिन्न विभागों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान ए-ब्लॉक स्थित आईसीयू में फायर सेफ्टी पेशेंट इवैक्यूएशन मॉक ड्रिल आयोजित की गयी, जिसमें गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, अस्पताल कर्मियों और फायर टीम के सदस्यों ने मिलकर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय का अभ्यास किया. मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, आपातकालीन मानक संचालन प्रक्रिया और आग लगने की स्थिति में बचाव कार्यों का प्रदर्शन भी किया गया. प्रशिक्षण सत्र में अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्य करने की जानकारी दी गयी. इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित तकनीकी वेबिनार में भी एम्स देवघर के कर्मियों ने भाग लिया. वेबिनार में अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की. एम्स प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य अस्पताल में कार्यरत कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना और मरीजों व अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण के माध्यम से टीम वर्क, सतर्कता और समय पर कार्रवाई के महत्व को मजबूत किया गया.
एम्स देवघर में फायर सेफ्टी वीक के तहत हुआ मॉक ड्रिल
देवीपुर: आईसीयू से मरीजों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास
