Maha Shivaratri 2026: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर एक बार फिर भक्ति, कला और सामाजिक संदेश के अनोखे संगम की साक्षी बनने जा रही है. महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को निकलने वाली भव्य शिव बारात की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. जिला प्रशासन के साथ-साथ आयोजन समितियां पूरी ताकत झोंक चुकी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव मिल सके.
शिव बारात में दिखेगा आस्था और रोमांच का अनूठा संगम
इस वर्ष की शिव बारात खास इसलिए भी है, क्योंकि इसमें पारंपरिक धार्मिक झांकियों के साथ समकालीन सामाजिक मुद्दों को भी जोड़ा गया है. आयोजकों के अनुसार, शिव तांडव की उग्रता को दर्शाती 13 फीट ऊंची दहकती खोपड़ी की झांकी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी. खोपड़ी के कान और मुंह से निकलती आग की लपटें और पूरे ढांचे से उठता धुएं का गुबार शिव की रहस्यमय और शक्तिशाली छवि को जीवंत कर देगा.
‘हैकर दैत्य’ देगा साइबर फ्रॉड से बचाव का संदेश
इस बार शिव बारात में एक अनोखी झांकी ‘हैकर दैत्य’ भी शामिल की जा रही है, जो साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करेगी. 13 फीट ऊंची यह झांकी आधुनिक दौर की उस सच्चाई को सामने रखेगी, जिसमें एक छोटी सी लापरवाही या लालच के कारण लोगों की वर्षों की कमाई पल भर में लुट जाती है. झांकी के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि कैसे साइबर फ्रॉड आर्थिक तनाव पैदा करता है और कई बार लोग गलत कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं.
झांकी निर्माण में जुटी आयोजन समिति
शिक्षा सभा चौक के समीप सशस्त्र विभाग के अध्यक्ष मार्कंडेय जजवाड़े उर्फ पुट्टू के नेतृत्व में झांकियों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. समिति का कहना है कि इन झांकियों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को सतर्क और जागरूक करना भी है. भक्ति के साथ सामाजिक चेतना का यह प्रयोग शिव बारात को एक नई पहचान देगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वागत की विशेष व्यवस्था
महाशिवरात्रि को लेकर क्लीन केयर भारती सोसाइटी की ओर से भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. पुराना मीना बाजार स्थित सोसाइटी कार्यालय में हुई बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई. बैठक की अध्यक्षता सोसाइटी के संस्थापक सीएम भारती ने की. इसमें शिव बारात के स्वागत के लिए विशेष स्टॉल लगाने, बारातियों पर पुष्प वर्षा करने और शरबत, फल व सूखे मेवे की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया.
बाबा भोलेनाथ की तस्वीर होगी श्रद्धालुओं को भेंट
सोसाइटी की ओर से शिव बारात दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा भोलेनाथ की तस्वीर भेंट स्वरूप दी जाएगी. सेवा और स्वागत को प्राथमिकता देते हुए स्टॉल स्थापना स्थलों (क्लब ग्राउंड, मारुति शोरूम और बजरंग धाम के बगल) को अंतिम रूप दिया गया है.
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सेवा, भक्ति और सामाजिक संदेश का संगम
आयोजकों का मानना है कि इस वर्ष की शिव बारात में भक्ति, कला और सामाजिक सरोकारों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. दहकती खोपड़ी और हैकर दैत्य जैसी झांकियां जहां रोमांच पैदा करेंगी, वहीं साइबर फ्रॉड के खिलाफ मजबूत संदेश भी देंगी. अनुमान है कि इस भव्य आयोजन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और देवघर एक बार फिर आस्था के महासागर में डूबा नजर आएगा.
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