चितरा. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गंवाई के साथ एक वकील द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने और लद्दाख के प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं समाजसेवी सोनम वांगचुक की अविलंब रिहाई की मांग को लेकर भाकपा ने बुधवार को चितरा स्थित गांधी चौक पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य पशुपति कोल ने किया. इस दौरान नेता व कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुंग को रिहा करने व लोकतंत्र पर हमला करने वाले पर करवाई की मांग की. वहीं, पर राष्ट्रीय परिषद सदस्य पशुपति कोल ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करना भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक हमला है. उन्होंने यह घटना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है. इसपर सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं उन्होंने आगे कहा कि लद्दाख के समाजसेवी सोनम वांगचुक को केवल सरकार की नीतियों की आलोचना करने के कारण गिरफ्तार किया गया है. उस पर देश द्रोह का मुकदमा लगाया गया है. जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. भाकपा इसकी कड़ी निंदा करती है. साथ ही उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग करती है. इसके अलावा जिला मंत्री अर्जुन यादव ने भी अपने संबोधन में कहा कि बुद्धिजीवियों, वैज्ञानिकों और समाजसेवियों पर झूठा मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. यह लोकतंत्र के लिए घातक है. मौके पर राज्य परिषद सदस्य दीपक कुमार दे, जिला मंत्री अर्जुन यादव, जिला परिषद सदस्य हरिहर यादव, केशव नारायण सिंह, होपना मरांडी, गणेश कोल, छोटेलाल टुडू, हलधर सिंह, बलराम यादव समेत अन्य उपस्थित थे.
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