संवाददाता, देवघर : जिला स्तरीय पशु मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन शुक्रवार को जिला पशुपालन एवं सहकारिता विभाग परिसर में किया गया. इसकी अध्यक्षता डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने की व पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने की सलाह दी. डीसी ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन को जोड़कर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं. उन्होंने पशु-पक्षियों के नियमित टीकाकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए एफएमडी, पीपीआर, ब्रूसेलोसिस, एलएसडी और सीएसएफ जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय बताये. साथ ही मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अलावा एनएलएम, एलएचडीसीपी, एनएआइपी व अन्य योजनाओं की जानकारी दी .
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच बकरी, बतख चूजा, बॉयलर कुक्कुट समेत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. मेले में लगे स्टॉलों के माध्यम से उन्नत नस्ल के पशुओं, उनके पोषण, पाचन, बीमारी और उपचार से जुड़ी जानकारी दी गयी. अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय किसानों और कृषि विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र सुजनी का एक्सपोजर विजिट कराया जाये ताकि वे आधुनिक तकनीकों को समझकर अपनी खेती और पशुपालन में लागू कर सकें. कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी पीके स्वाइन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.इन प्रखंडों के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का किया गया वितरण
कार्यक्रम में सारवां प्रखंड अंतर्गत बतख पालन के लिए एक, बकरी पालन के लिए दो, सारठ प्रखंड में बकरी पालन के लिए दो, देवीपुर प्रखंड में बतख पालन के लिए छह, देवघर प्रखंड में बतख पालन के लिए 12 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति बांटी गयी. साथ ही पशुओं की प्रदर्शनी लगायी गयी तथा स्टाल लगाकर पशुपालकों को पशु को पोषक तत्वों, पाचन क्रिया, बीमारी आदि से संबंधित दवा व पोषक तत्वों के विषय में जानकारी दी गयी. इसके बाद डीसी सहित अतिथियों ने पशु मेला में वितरण के लिए लाये गये पशुओं तथा विभाग द्वारा का लगाये गये स्टॉल का निरीक्षण किया.हाइलाइट्स
– पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने और आय बढ़ाने पर जोर– मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरी, बतख व कुक्कुट का वितरण
– उन्नत नस्ल, टीकाकरण व देखभाल की दी गयी जानकारी– किसानों व विद्यार्थियों के लिए केवीके सुजनी एक्सपोजर विजिट का निर्देश
