आउटसोर्सिंग कंपनी में विस्थापितों को मिले रोजगार : यूनियन

चितरा कोलियरी स्थित यूनियन कार्यालय में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ की बैठक हुई

चितरा. कोलियरी स्थित यूनियन कार्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (आरसीएमएस) की बैठक हुई. इस दौरान यूनियन नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कहा कि झारखंड सरकार के नियमों एवं श्रम कानून का चितरा कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है. यहां कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से कोलियरी प्रभावित स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने में प्राथमिकता नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि कुछ युवकों को रोजगार दिया भी गया है तो मात्र तीन-चार हजार रुपये माह मजदूरी के नाम पर दिया जा रहा है, जो मजदूरों के शोषण के साथ श्रम कानून का उल्लंघन है. कहा कि राज्य सरकार के नियम के अनुसार कोई आउटसोर्सिंग कंपनी काम करती है तो 75 प्रतिशत स्थानीय गरीब तबके के युवाओं को सबसे पहले रोजगार में प्राथमिकता दिया जाना चाहिए, लेकिन यहां नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है. कहा कि मजदूरों का पहचान पत्र, भविष्य निधि, स्वास्थ्य सुविधा की कोई व्यवस्था नहीं है. मजदूर नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर आउटसोर्सिंग कंपनी सरकार के आदेश का पालन करते हुए एवं श्रम कानून का पालन नहीं करती है. अगर विस्थापित, कोलियरी प्रभावित, गरीब युवकों को कंपनी अविलंब रोजगार नहीं देती है तो आरसीएमएस के बैनर तले जोरदार आंदोलन किया जायेगा. मौके पर आरसीएमएस के नवल किशोर राय, सदानंद पोद्दार, रघुनंदन सिंह, प्रसादी दास, युगल किशोर यादव आदि मौजूद थे.

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