सौ साल बेमिसाल : महात्मा गांधी के परपोते ने पदयात्रा कर मधुपुरवासियों को दिया कौमी एकता संदेश

सौ साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत निकाली गयी पदयात्रा

मधुपुर. महात्मा गांधी के मधुपुर आगमन के सौ साल पूरे होने पर ””सौ साल बेमिसाल”” कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को पदयात्रा निकाली गयी. पदयात्रा शहर के पनहाकोला स्थित चंपा कोठी से निकाली गयी. इसमें हजारों गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. वहीं, पदयात्रा शहर के सुभाष चंद्र बोस चौक पहुंची. जहां तुषार गांधी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके बाद पदयात्रा ऐतिहासिक नगर परिषद भवन पहुंची, जहां तुषार गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. उन्होंने नगर भवन का अवलोकन करते हुए महात्मा गांधी से जुड़ी यादों को फिर से ताजा किया. पनहाकोला से नगर परिषद भवन तक के मार्ग में लोगों ने पदयात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया. चंपा कोठी में सौ साल पूर्व महात्मा गांधी आकर ठहरे थे. यहीं से पदयात्रा करते हुए नगरपालिका जाकर नए भवन का उद्घाटन किया था. पदयात्रा नगर भवन से निकलकर ऐतिहासिक पीएम श्री राज्य कृत तिलक कला मध्य विद्यालय पहुंची. जहां विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और उमंग के साथ तुषार गांधी का स्वागत किया. इस दौरान तुषार गांधी ने सौ साल, सौ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. विद्यालय में लगी महात्मा गांधी व बाल गंगाधर तिलक की तस्वीरों पर माल्यार्पण कर नमन किया. मौके पर तुषार गांधी ने स्कूली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और नगरवासियों को कहानी के माध्यम से गांधीजी के विचारों और आदर्शों से अवगत कराया. कहा कि मधुपुर की यादों को फिर से जीवंत करते हुए लोगों ने फिर से गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बापू सौ वर्ष पहले इस विद्यालय में आये थे, आज मुझे भी यहां आने का अवसर मिला. यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. उन्होंने ””सौ साल बेमिसाल”” कार्यक्रम की सराहना करते हुए मधुपुरवासियों से कौमी एकता बनाये रखने का आह्वान किया. इस दौरान तुषार गांधी ने अंग्रेजों द्वारा विद्यालय में जलाई गई ऐतिहासिक पुस्तकों का अवलोकन किया, जिन्हें एक दशक पहले सुरक्षित और संरक्षित किया गया था. इन अधजली पुस्तकों में वेदों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी वर्णित है. सौ साल पहले 1925 में महात्मा गांधी के आगमन के दौरान विद्यालय में रखे चरखे को उन्होंने देखा और आत्मविभोर हुए. इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने ””भारत माता”” की वेशभूषा में आकर्षक नाट्य मंचन प्रस्तुत कर सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम के समापन पर बच्चों ने तुषार गांधी के साथ उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाई. उपस्थित लोग इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरों में कैद करने के लिए व्याकुल नजर आये. वहीं, तिलक कला विद्यालय से निकलकर पदयात्रा जेपी चौक पहुंची, जहां माल्यार्पण किया गया. इसके बाद यह यात्रा शहर के ऐतिहासिक केंद्र गांधी चौक पर संपन्न हुआ. जहां शहरवासियों ने गांधी जी के प्रपौत्र का भव्य स्वागत किया. तुषार गांधी ने यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. मौके पर डॉ. सुनीलम, अध्यक्ष घनश्याम, विधायक प्रतिनिधि शब्बीर हसन, अरविंद कुमार, अनाथ बंधु चटर्जी, पंकज पीयूष, डॉ. कल्याणी मीणा, संजय शर्मा, अनिल चौधरी, विद्रोह मित्रा, डाॅ सुमन लता, विजय प्रताप, कलानंदमणी, डॉ. योगेंद्र, डॉ. अलका, प्रसून लतांत, नरेश पटेल, निलेश गंडोत्रा, हाजी अताउल अंसारी, हाजी अलाउद्दीन अंसारी, अरुण आनंद, ऐनुल होदा, मो. शाहिद, वीणा वर्मा, सीमा, साल्गे मार्डी, ऐनी कुमार चंद्र मार्डी, रंजन कुमार, डाॅ मनोज, दुष्यंत, उदय, शबाना परवीन, अशोक सिंह, कुंदन भगत, हाजी अल्ताफ हुसैन, दिनेश्वर किस्कू, मरियम टुडू, मो. सैफ, संजय सिंह, बैजू, अबरार, बंकू, जावेद, सीमांत, अरूण निर्झर, अनूप, सरोज शर्मा, एहतराम, चंदन समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे. हाइलार्ट्स : स्कूली बच्चों ने भारत माता की वेशभूषा में नाट्य मंचन कर किया मंत्रमुग्ध सौ साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत निकाली गयी पदयात्रा मधुपुर में बापू के चरखे को देखकर आत्मविभोर हुए तुषार गांधी

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