देवघर: पूर्व डीडब्ल्यूओ अशोक प्रसाद व पूर्व डीपीआरओ जवाहर कुमार एक और मामले में मुश्किल में पड़ सकते हैं. दोनों पर रिमांड होम में होली खेलने के मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. दरअसल, कोर्ट के आदेश के बाद होली खेलने के मामले में मिली सीडी की जांच एसडीओ को सौंपी गयी थी. जांच अधिकारी ने जांच के बाद रिपोर्ट शुक्रवार महिला थाने को सौंप दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट से सौंपी गयी सीडी की पूरी जांच की गयी. यही नहीं जांच अधिकारी ने रिमांड होम की बच्चियों, मौजूद कर्मियों आदि से पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार किया है.
सीडी जांच में पाया गया कि तत्कालीन प्रभारी अशोक प्रसाद, पूर्व डीपीआरओ जवाहर कुमार व एक स्थानीय मीडियाकर्मी को लेकर रिमांड होम गये. श्री प्रसाद ने बिना कोर्ट की इजाजत के होली मिलन समारोह आयोजित किया. सीडी में पूर्व डीपीआरओ जवाहर कुमार बच्चियों को रंग की पुड़िया बांटते व रंग लगाते देखे गये हैं.
मीडियाकर्मी के गीत गाने के आग्रह पर बच्चियों ने फुहड़ गीत गाया. जांच में खुलासा हुआ है कि होली के आयोजन के लिए प्रभारी ने अपने उच्चधिकारियों से आदेश नहीं लिया था. इसलिए बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के रिमांड होम में होली का आयोजन करके तत्कालीन प्रभारी श्री प्रसाद ने जुबेनाइल एक्ट का उल्लंघन किया है. अब महिला थाने से रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जायेगी. इस मामले में भी जवाहर-अशोक पर कानूनी शिकंजा कस सकता है.
