यौन शोषण की शिकार ताप्ती व परिवार वालों का आरोप, कहा
देवघर : दो प्रशासनिक पदाधिकारियों (पूर्व डीपीआरओ व डीडब्ल्यूओ) द्वारा यौन शोषण की शिकार ताप्ती व उसके परिवार वालों पर केस मैनेज करने को लेकर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है. इस बात की जानकारी पीड़िता के पिता ने प्रभात खबर को दी. आज सुबह ही वो रांची से लौटे हैं.
रांची में मंगलवार को देवघर नगर थाना कांड संख्या-150/13 के मामले में हाइकोर्ट में सुनवाई होनी थी. मगर आरोपित पक्ष के वकील ने डेट ले लिया.
इस कारण कोर्ट ने इस केस की सुनवाई की तिथि सोमवार को मुकर्रर कर दिया है. उन्होंने बताया कि, जब से (बीते 13 अगस्त से) दोनों आरोपित बीमारी का बहाना बना कर मंडल कारा से सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में शिफ्ट हुए हैं. तब से उन्हें व उनके परिवार को तरह–तरह की धमकियां मिल रही है. पीड़िता ने कहा कि दोनों कैदी वार्ड में ऐश कर रहे हैं.
यदि कोई गंभीर बीमारी है तो उन्हें एम्स, रिम्स या अन्य जगह क्यों नहीं ले जाया जा रहा है. यहां आसानी से उनके परिजन व चाहने वाले बंदी वार्ड में मिल रहे हैं. कोई रोक–टोक नहीं है.
राष्ट्रपति से लगायी गुहार
इस संबंध में ताप्ति(काल्पनिक नाम) ने एसपी, सीजेएम व अन्य पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर साक्ष्य मिटाने के लिए धमकी दिये जाने की बात कही है. एसपी अपने स्तर से क्या जांच करवायेंगे. यह अलग बात है.
जब बहुत दबाव बढ़ने लगा तो पुत्री ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द न्याय दिलाने की गुहार लगायी है. पीड़िता ने मानवाधिकार आयोग से भी न्याय की मांग की है.
मुफ्त की सलाह से तंग आ गये
पीड़ित पिता ने कहा कि, अब राह चलते लोग मामले को निबट लेने की सलाह दे रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि केस को मैनेज कर लीजिए. हर दिन इस तरह की सलाह से परेशान हो गये हैं. हमको मुफ्त की सलाह नहीं बेटी को न्याय चाहिए.
प्रशासन ने दिया है सुरक्षा गार्ड
पीड़िता ताप्ति ने बताया कि, प्रशासन की ओर से उसके परिवार को दो सुरक्षा गार्ड मुहैया कराया गया है. जो सुबह से शाम व शाम से सुबह पांच बजे तक रहते हैं. मगर डय़ूटी के बीच के खाली समय में दो दिन पहले एक नेताजी घर पहुंच गये. परिजन कह कर घरवालों से मिलने की जिद करने लगे. जबकि उस व्यक्ति को घर का कोई भी सदस्य नहीं पहचान रहा था. जब नहीं जाने की जिद करने लगे तो सुरक्षा कर्मी को फोन कर बुलाना पड़ा . तब वह भागा.
घर की आर्थिक स्थिति खराब
पीड़िता ने रोते हुए कहा कि, घर की माली हालत बहुत ही खराब हो गयी है. पिता के सामने दिनों–दिन आर्थिक समस्या खड़ी होती जा रही है. हम न्याय की आस लगाये बैठे हैं. जबकि आरोपित दूर बैठे हमारे परिजनों(ननिहाल) से संपर्क साध कर उन्हें मैनेज करने के लिए दबाव बना रहे हैं.
