अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद

सेशन जज चार सचिंद्र बिरुआ की अदालत से आया फैसला प्रिंस कुमार उर्फ विक्की की गोली मारकर की गयी थी हत्या देवघर : अपहरण करने के बाद गोली मारकर हत्या के एक मामले में प्रताप कुमार सिंह व कुणाल सिंह को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा भरी अदालत में सुनाई गयी. यह फैसला […]

सेशन जज चार सचिंद्र बिरुआ की अदालत से आया फैसला

प्रिंस कुमार उर्फ विक्की की गोली मारकर की गयी थी हत्या
देवघर : अपहरण करने के बाद गोली मारकर हत्या के एक मामले में प्रताप कुमार सिंह व कुणाल सिंह को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा भरी अदालत में सुनाई गयी.
यह फैसला सेशन जज चार सचिंद्र बिरुआ की अदालत से अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद सुनाया गया. साथ ही दोनों दोषियों को छह-छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे भुगतान नहीं करने पर अलग से तीन माह की सामान्य कैद काटनी होगी.
अभियोजन पक्ष से लाेक अभियोजक आनंद कुमार चौबे ने घटना के समर्थन में सात लोगों की गवाही कोर्ट में दिलायी व दोष सिद्ध करने में सफल हुए, जबकि बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता अमर कुमार सिंह व राजीव कुमार सिंह ने पक्ष रखे, लेकिन दोष मुक्त कराने में विफल रहे. यह मुकदमा मृतक प्रिंस कुमार उर्फ विक्की के भाई प्रभात कुमार ने 29 सितंबर 2009 की घटना को लेकर नगर थाना में दर्ज कराया था. दर्ज एफआइआर के अनुसार सूचक का भाई अपनी दुकान पर बैठा था, जहां से आरोपितों ने बाइक पर बैठाकर ले गया. दूसरे दिन प्रिंस कुमार उर्फ विक्की का शव महदेवातरी के पास एक झाड़ी में मिला.
उसके माथे पर गोली मारने का निशान था. शव की पहचान करने के बाद केस दर्ज हुआ जिसमें उपरोक्त दोनों को नामजद किया गया. पुलिस ने अनुसंधान के बाद चार्जसीट दाखिल किया, पश्चात केस ट्रायल के लिए भेजा गया. जहां पर सुनवाई के बाद हत्या का दोषी पाया व उपरोक्त सजा दी गयी. बचाव पक्ष से भी दो लोगों ने गवाही दी थी. इस केस में 11 साल बाद फैसला आया.

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