देवघर/मोहनपुर : रिखिया थाना क्षेत्र के पुनसिया के समीप जमुनियाबांध जंगल में अजय महथा (23) की हत्या कर बेल्ट के सहारे पेड़ से टांग दिया गया था. पुलिस ने रविवार की सुबह पेड़ से टंगा शव बरामद किया. मृतक अजय नगर थाना क्षेत्र के बरमसिया निवासी शिवचंद्र महथा का बेटा था.
जानकारी के मुताबिक, अजय रंग-रोगन का काम करता था और बाहर में रहता था. डेढ़ से दो महीने पहले ही वह देवघर आया और रिखिया थाना क्षेत्र के लकड़ीगंज गांव स्थित ससुराल में रह रहा था. सोमवार की सुबह ग्रामीणों को जमुनियाबांध जंगल में पेड़ के सहारे बेल्ट से लटके हुए उसके शव पर नजर पड़ी, तो उनलोगों ने उसके ससुराल वालों को सूचना दी. सूचना मिलते ही अजय के ससुरालवाले व परिजन घटनास्थल पहुंचे. घटना की जानकारी रिखिया थाने को दी गयी. इसके बाद रिखिया थाना प्रभारी असीम कमल टोपनो, एएसआइ चुन्नू प्रसाद मंडल पुलिस बलों के साथ पहुंचे और मृतक अजय का शव पेड़ से उतरवाकर पंचनामा किया. इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
मां ने लगाया जबरन घर से उठा कर हत्या करने का आरोप : घटना को लेकर मृतक की मां लक्ष्मी देवी ने पुत्र की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को पेड़ में बेल्ट के सहारे लटका देने की शिकायत रिखिया थाने में दी है. जिक्र है कि शादी के बाद से अजय अपने ससुराल लकड़ीगंज बेहराटोली में रह रहा था.
30 नवंबर की शाम करीब चार बजे अमगड़िया निवासी पिंटू महथा, पंकज महथा, विकास महथा, होरिल महथा व अन्य उसे जबरन घर से बुलाकर जमनियां जंगल की तरफ ले गये. उस दौरान पत्नी सुमा देवी ने उनलोगों के साथ अजय को जाने से मना की थी.
क्या है मामला
पुलिस को दिये आवेदन में जिक्र है कि लक्ष्मी के चौथे बेटे छोटू को भी पूर्व में उनलोगों ने धमकी देते हुए कहा था कि अजय को जान से मार देंगे. दरअसल, मृतक अजय की बहन नीलम की शादी होरिल के साथ हुई थी, जो बाद में टूट गयी. तभी से होरिल बराबर अजय के साथ गाली-गलौज, मारपीट करता था. पूरा परिवार इसका बदला लेने की बात कहता था. ऐसे में मां लक्ष्मी का दावा है कि पूर्व के आक्रोश में ही सभी आरोपितों ने मिलकर पुत्र अजय को जबरन घर से बुलाकर ले गये और उसकी हत्या कर शव पुनसिया जंगल के पेड़ में टांग दिया.
