मधुपुर : शहर में गर्मी के शुरू होते लोग पानी के त्राहिमाम करने लगते हैं. नप क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था चरमरागयी है. शहरी क्षेत्र समेत कई गांव-कस्बों के ड्राइजोन इलाके में पानी की अत्यधिक किल्लत है. कई जगह अब भी प्रशास���िक स्तर पर पेयजल आपूर्ति का कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पायी है.
जिसके कारण कई जगह गांव के लोग नदी में गड्ढा खोदकर पीने का पानी ले रहे तो शहरी इलाकों में दूर दराज से साइकिल, टोटो आदि में लाद कर पानी ले जा रहे. दिन के गर्मी से बचने के लिए रातभर लोग पानी के इंतजाम में लगे रहते हैं. कहीं-कहीं तो लोग नल पोस्टों पर घंटों पानी का जार लेकर सप्लाइ वाटर का इंतजार करते रहते हैं.
वहीं, शहरी इलाकों में जलापूर्ति के लिए मोहनपुर के पतरो नदी घाट पर बनाया गया फिल्ट्रेशन प्लांट भी शहरी क्षेत्र के लोगों का प्यास बुझाने में पूरी तरह से विफल साबित हुआ है. प्रत्येक दिन औसतन दो से तीन घंटे भी जलापूर्ति नहीं हो पा रही है. फिल्ट्रेशन प्लांट में बनाया गया वाटर बेड भी महीने से गंदा पड़ा है.
जिसके कारण प्रत्येक दिन आपूर्ति से पहले ही हजारों गैलन पानी प्लांट में बहकर बर्बाद हो जाता है. इसके अलावा पाइप लाइन के जर्जर हो जाने के कारण भी जलापूर्ति योजना सफल नहीं हो पा रही है. लोगों ने पानी की किल्लत को देखते हुए जर्जर पाइप लाइन को दुरुस्त करने व बेड को साफ करने की मांग की है. ताकि सुचारु रूप से पानी सप्लाइ हो सके.
