देवघर/जसीडीह: पुलिस ने शुक्रवार की रात में गुप्त सूचना के आधार पर जसीडीह थाना क्षेत्र के गिधनी गांव में छापामारी की. मौके पर से पुलिस ने चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है. उन युवकों के पास से अलग-अलग कंपनी के 19 सिम-कार्ड सहित आठ मोबाइल फोन, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, देना बैंक, एसबीआइ व आइसीआइसीआइ बैंक के एटीएम कार्ड और दो बाइक बरामद किया है. पुलिस के अनुसार हिरासत में लिये गये संदिग्ध बैंक खाते से रुपये उड़ाने वाले गैंग का सदस्य है. तीन के बारे में छानबीन पूरी हो चुकी है.
इन तीनों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य भी हाथ लग चुका है. वहीं एक के खिलाफ पड़ताल चल रही है. पुलिस की मानें तो गिधनी के विकास नगर मुहल्ले में अवस्थित एक मकान से इन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है. छानबीन जारी है. फिलहाल पुलिस कुछ जानकारी देने से इनकार कर रही है. फिलहाल जसीडीह थाने में इन संदिग्धों से पूछताछ चल रही है. संभावना जतायी जा रही है कि अंतर प्रांतीय साइबर अपराध के बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है.
अधिकांश सिम-कार्ड दूसरे राज्यों का : पुलिस सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिये गये युवकों के पास से एयरटेल व बोडा के आठ-आठ, डोकोमो के दो व बीएसएनएल के एक सिम-कार्ड मिले हैं. बरामद सिम-कार्ड में अधिकांश राजस्थान व गुजरात आदि जगहों के हैं.
ऐसे मामलों में छानबीन के लिये आयी थी छतीसगढ़ व राजस्थान पुलिस : ऐसे ही मामलों में कुछ दिन पूर्व यहां छानबीन के लिये राजस्थान व छतीसगढ़ पुलिस भी देवघर आयी थी. बैंक अधिकारी बन रुपया उड़ाने वाले ने जिस मोबाइल से बात की थी. उसमें से एक का सिमकार्ड जसीडीह के रोहिणी, रायडीह निवासी के नाम से था. वहीं दूसरे का सिमकार्ड करौं थाना क्षेत्र का था. रोहिणी, रायडीह के धारक ने सिम-कार्ड देवघर में खरीदी थी. छतीसगढ़ पुलिस ने उक्त मोबाइल दुकानदार से भी पूछताछ की थी.
कैसे फांसता था ग्राहक
इस सिम-कार्ड का प्रयोग कर ग्राहकों को फंसाता था. बैंक खाताधारी से अधिकारी बन कर संपर्क करता था. विश्वास में लेने के बाद एटीएम व पिन आदि जान लेता था. इसके बाद बैंक खाते से ग्राहक की सारी राशि ही उड़ा लेता था. जसीडीह पुलिस की हिरासत में लिये गये युवकों में से एक गिरिडीह का और तीन देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र के झगराही व नया खरना गांव का है.
