देवघर : पुराना सदर अस्पताल कैंपस बना मदिरालय तो, नशेड़ियों ने शिक्षा के केंद्र को भी नहीं छोड़ा

देवघर : शाम ढलते ही शहर शोहदों के चंगुल में आ जाता है. सड़क मनमौजियों का बन जाता है व आम लोग परेशान रहते हैं. बिहार में शराबबंदी के बाद देवघर में आकर शराब पीने वाले बढ़ गये हैं व टावर चौक स्थित पुराना सदर अस्पताल शराबियों के लिए महफूज जगह हो गया है. पुराने […]

By Prabhat Khabar Print Desk | January 3, 2019 7:09 AM
देवघर : शाम ढलते ही शहर शोहदों के चंगुल में आ जाता है. सड़क मनमौजियों का बन जाता है व आम लोग परेशान रहते हैं. बिहार में शराबबंदी के बाद देवघर में आकर शराब पीने वाले बढ़ गये हैं व टावर चौक स्थित पुराना सदर अस्पताल शराबियों के लिए महफूज जगह हो गया है. पुराने सदर अस्पताल में चल रहे ब्लड बैंक के पास ही लोग गाड़ी खड़ी कर शराब पीने लगते हैं.
यह सिलसिला काफी महीनों से चला आ रहा था. लेकिन, बुधवार की शाम कैमरे में यह तस्वीर भी कैद हो गयी. नगर थाना क्षेत्र से महज 50 से 100 मीटर दूरी पर ही स्थित पुराने सदर अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के पास एक काले शीशे बंद एक स्कॉर्पियो खड़ी रहती है.
पीछे का दरवाजा खुला है, जिसमें शराब की बोतल रखी है आैर लोग शराब पी रहे हैं. जबकि मेन रोड से गश्ती वाहन भी गुजरता है. लेकिन, पुलिस की अनदेखी की वजह से यहां जाम छलकता रहता है. टावर चौक व बाजार के समीप रहने के कारण लोग यहां वाहन पार्क भी किया जाता है.
लेकिन, कई असामाजिक तत्वों का भी यह अड्डा बन गया है. खासकर, बिहार से पूजा-पाठ के मकसद से आने वाले लोग या फिर शराब पीने के लिए भी लोग देवघर पहुंच रहे हैं. पुराना सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड नहीं रहने के कारण शाम होने पर मनचलों का भी जमावड़ा लग जाता है.
कॉलेज परिसर में नशे का अड्डा
शिक्षा के केंद्र में जहां ज्ञान की ज्योत जलनी चाहिए उसे भी असामाजिक तत्वों ने नहीं छोड़ा. देवघर कॉलेज परिसर के ही एक अर्द्धनिर्मित भवन में एक चादर वहां बीड़ी-सिगरेट के जले हुए टुकड़ों के अलावा ड्रग्स लेने के सामान रखे हुए हैं. जबकि, कैंपस घिरा हुआ है व प्रवेश के लिए गेट भी लगा है. कॉलेज में हजारों की संख्या में छात्र पड़ते हैं. असामाजिक तत्वों की इस करतूत से बच्चों पर भी बुरा असर पड़ेगा.
थाने से महज सौ मीटर की दूरी पर पुराना सदर अस्पताल
शाम ढलते ही छलकने लगता है जाम
इन जगहों पर भी लग रहा जमावड़ा
शहर के पुराना सदर अस्पताल, झरना चौक, पंडित बीएन झा पथ, भूरभूरा मोड़, बिलासी कैनरा बैंक के पीछे का मैदान, देवघर कॉलेज परिसर, नेहरु पार्क पानी टंकी के पीछे, झौंसागढ़ी मुख्य सड़क, कालीराखा मुख्य रोड आदि दो दर्जन से अधिक जगह पर खुलेआम शराबी व मनचले अड्डा बनाये रहते हैं.
शहर में गश्ती दल रहने के बाद चौराहों पर नशे में युवा बाइकर्स ट्रिपल लोड व तेज रफ्तार बाइक चलाते हैं. फिर भी पुलिस की नजरों से यह दूर हैं.

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