मां का आंचल नसीब हुआ नहीं नि:संतान दंपती की भरी सूनी गोद

देवघर : देवघर प्रखंड के बसवरिया पंचायत अंतर्गत बंदे गांव में एक खेत में अपनी नवजात बच्ची को फेंकी मिली. रविवार की शाम शौच के लिए निकले गांव के ही मुकुंद पंडित व जगदीश राय की कानों में जैसे ही नवजात के रोने की आवाज पड़ी, वे दौड़े हुए वहां पहुंच गये. ठंड में एक […]

देवघर : देवघर प्रखंड के बसवरिया पंचायत अंतर्गत बंदे गांव में एक खेत में अपनी नवजात बच्ची को फेंकी मिली. रविवार की शाम शौच के लिए निकले गांव के ही मुकुंद पंडित व जगदीश राय की कानों में जैसे ही नवजात के रोने की आवाज पड़ी, वे दौड़े हुए वहां पहुंच गये. ठंड में एक पतले ठिठुरते उस नवजात के मुलायम शरीर भी उस मां के कठाेर हृदय की निष्ठुरता से जम रहे थे, जिसने नौ महीने कोख में रखकर उसे आंचल के बजाय खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया था.
मुकुंद व जगदीश राय खेत में पड़ी नवजात को उठाकर घर ले आये. उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी. गांव की एक महिला ने नवजात को दूध पिलाया. नवजात मिलने की जानकारी होने पर मुखिया विश्वनाथ राउत पहुंचे. उन्होंने सूचना जसीडीह थाना प्रभारी डीएन आजाद को दी.
इसके बाद गांव के ही एक दंपती विष्णु राय उसकी पत्नी सुमिया देवी ने बच्ची को रखने व भरण पोषण करने की बात कही.
जिसे ग्रामीणों की सहमति व मुखिया के लिखित रूप से दंपती को सौंप दिया गया. इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जहां ऑन ड्यूटी डॉ एके अनुज ने स्वस्थ बताते हुए रुटीन जांच व एक्सरे कराने को कहा. उन्होंने बताया कि बच्ची लगभग दो दिनों की है.
बताते चलें किदंपती की शादी के करीब 12 वर्ष पूर्व हुआ था. लेकिन अबतक उनकी गोद सुनी था, जिसे आज उपर वाले ने सुनी गोद को भर दिया. दंपती बच्ची के साथ खुश हैं.

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