मधुपुर : स्वच्छता पखवारा अभियान में सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थान की आेर से हाथों में झाड़ू लेकर सफाई करते देखा गया. लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर बड़े-बड़े होर्डिंग, फ्लैक्स लगाकर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है. लेकिन, इस अभियान की असलियत अब पखवारा गुजरते-गुजरते दिखनी शुरू हो गयी है.
अब तो एेसा लगने लगा है जैसे यह स्वच्छता अभियान न होकर केवल फोटो खिंचाओ अभियान बनकर रह गया है. मधुपुर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता संदेश के लिए पीएचइडी ने लाखाें खर्च कर शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेज समेत एसडीओ कार्यालय, बस पड़ाव, डाकबंगला मैदान समेत स्वच्छता प्रमंडल विभाग की दीवारों पर पेंटिंग करायी है. लेकिन विभाग की अदूरदर्शिता की वजह से स्वच्छता का संदेश झाड़ियों में छिप कर रह गया है.
अभियान पर सवाल
जब सरकारी कार्यालयों में यह आलम है तो सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वच्छता अभियान का अन्य जगहों पर क्या हश्र है.
कहते हैं अभियंता
15 सितंबर से दो अक्तूबर तक स्वच्छता पखवारा चलाया जा रहा है. दीवारों से झाड़ियों की सफाई की जायेगी, ताकि लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे.
अरविंद कुमार, कार्यपालक अभियंता
