देवघर: जगह की तंगी व इंफ्रास्ट्रर की कमी से जूझते नगर पुस्तकालय में गुरुवार को बैठने को लेकर पाठकों के बीच नोक-झोंक शुरू होकर हंगामे तक पहुंच गया. उपस्थित छात्र व लाइब्रेरियन की पहल पर हंगामा शांत कराया गया.
हंगामे की वजह से नगर पुस्तकालय में कुछ देर के लिए माहौल अशांत हो गया. मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1994 में स्थापित नगर पुस्तकालय के वर्तमान में 70 सदस्य है. प्रतिदिन औसतन 250 से 300 पाठक पुस्तकालय पहुंचते हैं. बैंकिंग सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षा के वक्त पाठकों व छात्रों की भीड़ जुटती है.
लेकिन, बैठने का पुख्ता बंदोबस्त नहीं होने की वजह से पाठकों को हर वक्त परेशानी होती है. यहां बुनियादी सुविधा मसलन पानी, शौचालय आदि का भी घोर अभाव है. पुस्तकालय के सफल संचालन के लिए कोई ठोस बंदोबस्त नहीं है. मेंबर की सहयोग राशि व कैंपस की दुकानों से मिलने वाले भाड़े से पुस्तकालय का मेंटेनेंस होता है.
