बगैर एप्रूवल के हुआ था मॉडल स्किल डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन
देवघर : केंद्र सरकार के कौशल विकास मंत्रालय से स्किल इंडिया के तहत नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) को युवाओं के कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के लिए करार हुआ है. कौशल विकास मंत्रालय ने एनएसडीसी को ट्रेनर बहाल करने के लिए अधिकृत किया था, जिसके अनुसार देवघर में 2016 में जिला परिषद के नये […]
देवघर : केंद्र सरकार के कौशल विकास मंत्रालय से स्किल इंडिया के तहत नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) को युवाओं के कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के लिए करार हुआ है. कौशल विकास मंत्रालय ने एनएसडीसी को ट्रेनर बहाल करने के लिए अधिकृत किया था, जिसके अनुसार देवघर में 2016 में जिला परिषद के नये भवन में खोले गये मॉडल स्किल डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन एनएसडीसी ने बगैर एप्रूवल के करवा दिया था. एनएसडीसी के कहने पर लखनऊ की कंपनी सोशल एक्शन फोर वेलफेयर एंड कल्चरल एडवांसमेंट (स्वाका) ने करीब दो करोड़ रुपये का एक्यूपमेंट जिला परिषद के भवन में लगाया था.
पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा उद्घाटन किये जाने के बाद सेंटर ताे चालू कर दिया गया, लेकिन एनएसडीसी से एप्रूवल के लिए स्वाका चक्कर लगाती रही. एनएसडीसी से एप्रूवल व पैसा नहीं मिलने पर स्वाका ने केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक मंत्रालय के पैसे से 250 युवाओं को नि:शुल्क ट्रेनिंग दी. इसमें अधिकांश अल्पसंख्यक युवाओं को ट्रेनिंग दी गयी. इसके बाद ट्रेनिंग सेंटर में ताला लटक गया.
70 फीसदी युवाओं को प्लेसमेंट का दावा : स्वाका का दावा है कि देवघर के मॉडल स्किल डेवलपमेंट सेंटर में दो करोड़ रुपये की लागत से कई अत्याधुनिक एक्यूपमेंट लगाये थे. सेंटर में आइटी, रीटेल, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, नर्सिंग, ब्यूटीशियन, हेल्थ केयर, टेलरिंग व हैंड एम्ब्राॅडरी सेक्टर के लिए क्लास रूम व लैब तैयार थे. जिन 250 अल्पसंख्यक युवाओं को तीन माह की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी गयी है, उनमें 70 फीसदी युवाओं को संबंधित सेक्टर में प्लेसमेंट भी दिलायी गयी है. इसमें देवघर समेत आसपास के 270 युवक-युवतियां शामिल हैं. ट्रेनिंग में दोपहर का भोजन के साथ-साथ प्लेसमेंट के दौरान यात्रा खर्च भी दिया गया है.
देवघर में कौशल विकास मंत्रालय व एनएसडीसी के दबाव में बगैर एप्रूवल के ही जल्दबाजी में स्वाका कंपनी ने बेहतर ट्रेनिंग सेंटर चालू किया गया था. बाद में कई बार आग्रह के बाद भी एनएसडीसी ने इस ट्रेनिंग सेंटर का एप्रूवल नहीं दिया. अंत में केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय के पैसे से 250 युवाओं को ट्रेनिंग दी गयी, इसमें 70 फीसदी प्लेसमेंट भी हुआ. ट्रेनिंग पूरा होने के बाद स्वाका ने छोड़ दिया. अब धनबाद की संस्था कोयलांचल प्रबंधन शिक्षा ट्रस्ट ने इस भवन में एनएसडीसी से एप्रूवल लेकर ट्रेनिंग देने की इच्छा जतायी है, तो स्वाका ने सारा एक्यूपमेंट सशर्त संस्था के जिम्मे किया है.
– शिवेंद्र सिंह, इंचार्ज, सोशल एक्शन फोर वेलफेयर एंड कल्चरल एडवांसमेंट
(स्वाका), लखनऊ