सोनारायठाढ़ी : जोरोपहरी निवासी 99 फील्ड रेजिमेंट आर्मी जयप्रकाश नारायण चौधरी उर्फ जनता चौधरी की मौत सोमवार को जम्मू में सड़क दुर्घटना में हो गयी. उनका शव मंगलवार की रात पौने नौ बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचा. विधायक बादल पत्रलेख एयरपोर्ट पर मौजूद थे.
शव को सैनिक अस्पताल, नामकुम लाया गया. बुधवार की सुबह पांच बजे शव उनके पैतृक गांव जोरोपहरी के लिए रवाना किया जायेगा. यहां दोपहर में जियाखाड़ा घाट पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा. उनकी मौत की खबर सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे उनके भाई मनोरंजन चौधरी ने मोबाइल पर दी.
मौत की खबर सुनते ही घर व पूरा गांव में मातम छा गया. पत्नी व पूरे परिवार के लोगों में चीख पुकार का माहौल बन गया. पत्नी सरिता देवी का रो-रो कर बुरा हाल है. उनका बड़ा बेटा आदित्य 10 वर्ष का है. उसका भी रो-रो कर बुरा हाल है. पत्नी ने बताया कि तीन दिन पहले उनसे मुलाकात हुई थी. सब कुछ ठीक चल रहा था.
वहीं दूसरा पुत्र अनुराग तीन वर्ष का है. जयप्रकाश नारायण चौधरी दो भाई में बड़े थे. उनके पिता का पूर्व में ही निधन हो चुका है. बड़े पापा सूर्य नारायण चौधरी का भी रो-रो कर बुरा हाल है. जयप्रकाश नारायण चौधरी फरवरी में ही घर से ड्यूटी पर गया था
घटना की खबर सुनते ही उनके परिवार व आसपास के लोग उनके घर पहुंचने लगे थे. वे काफी सरल स्वभाव के थे. जयप्रकाश नारायण चौधरी सबो से घुल मिल कर रहते थे. घटना को लेकर पूरे गांव में मातम पसरा है. छुट्टी में घर आने पर सभी से मिलते-जुलते थे. वहीं उनकी मां का भी रो-रो कर बुरा हाल है.
10वीं में जिले का 60.74 फीसदी रिजल्ट
रिजल्ट. मैट्रिक के परिणाम से छात्रों में उत्साह
गरीब बच्चों को शिक्षा देना चाहता है विष्णु
देवघर : मोहनपुर प्रखंड के भिखना गांव निवासी भिखारी यादव के पुत्र विष्णु कुमार यादव उच्चशिक्षा प्राप्त कर गरीब बच्चों को शिक्षित करना चाहता है. विष्णु ने मैट्रिक में 463 अंक लाकर जिले में 10वां स्थान प्राप्त किया है.
वह एसएस मोहनानंद हाई स्कूल तपोवन का छात्र है. उन्होंने ने बताया कि हम मजदूर के पुत्र हैं. एक मजदूर के घर पढ़ाई-लिखाई करने में कितनी समस्या आता है वह सिर्फ मजदूर परिवार ही जनता है. इसलिए वह उच्च शिक्षा हासिल कर गांव में गरीब बच्चों को शिक्षा देना चाहता है. उन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को दिया है तथा आगे चलकर माता-पिता का नाम रोशन करना चाहता है.
