देवघर : सांसद डॉ निशिकांत दुबे के सांसद मद से लगी देवघर-बासुकिनाथ स्ट्रीट लाइट में गड़बड़ी काे लेकर इसकी सीबीआइ जांच के लिए डीसी को अनुशंसा-पत्र लिखा है. 52 किलोमीटर तक लगी सोलर स्ट्रीट लाइट जलती नहीं है. रात में कहीं-कहीं एकाध लाइट की जलती है. मेंटेनेंस नहीं हो रहा है.
इसकी जांच होनी चाहिए. सोलर स्ट्रीट लाइट का उदघाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री फारूख अब्दुल्ला ने किया था. सोलर स्ट्रीट लाइट नियमित रूप से नहीं जलने की शिकायत लगातार मिल रही थी. सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मार्च व मई में पत्राचार किया था. सांसद के पत्राचार के बाद पूरे मामले की जांच का भरोसा सीबीआइ ने दिया है. इस मामले में डीसी देवघर द्वारा सीबीआइ को पत्र भेजा गया था. सीबीआइ ने डीसी देवघर को भी आश्वास्त किया है कि पूरे मामले पर अविलंब आवश्यक कार्रवाई करते हुए अवगत कराया जायेगा.
सोलर स्ट्रीट लाइट मेंटनेंश का दायित्व पांच वर्षों के लिए दिया गया है. लेकिन, कार्य एजेंसी को स्ट्रीट लाइट को लेकर गंभीर नहीं है.
टिमटिमाती है साेलर…
श्रद्धालुओं व राहगीरों की मिलनी थी सुविधा : सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के पीछे मंशा थी कि देवघर-बासुकिनाथ पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे का सामना नहीं करना पड़े. साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी रोशनी की सुविधा मिले. लेकिन, योजना को मूर्त रूप देने के बाद भी इसका लाभ नियमित रूप से लोगों को नहीं मिला. आज अधिकांश स्ट्रीट लाइट खराब पड़ा हुआ है.
जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध की जाये कार्रवाई
सोलर स्ट्रीट लाइट का मेंटनेंश पांच वर्षों तक करना है. जेरेडा कहता है कि पांच फीसदी लाइट खराब है. जबकि हकीकत यह है कि सिर्फ 60 फीसदी स्ट्रीट लाइट ही काम कर रहा है. शेष 40 फीसदी लाइट खराब पड़ा है. सोलर स्ट्रीट लाइट का मेंटनेंश सिर्फ कागज पर नहीं हो सकता है. मार्च व मई में पत्राचार किया था. डीसी से सीबीआइ जांच की अनुशंसा किया हूं.
