छेड़खानी के दोषी को दो साल का सश्रम कारावास

देवघर : सेशन जज दो महेंद्र प्रसाद की अदालत ने छेड़खानी के दोषी पप्पू मिर्धा को दो साल की सश्रम सजा सुनायी व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अलग से एक महीने की सजा काटनी होगी. कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना की राशि पीड़िता को दी […]

देवघर : सेशन जज दो महेंद्र प्रसाद की अदालत ने छेड़खानी के दोषी पप्पू मिर्धा को दो साल की सश्रम सजा सुनायी व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अलग से एक महीने की सजा काटनी होगी. कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जायेगी. पप्पू सोनारायठाढ़ी थाना के चंदना गांव का रहने वाला है.
केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से करीब आधा दर्जन गवाही दी गयी थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय व बचाव पक्ष से एडवोकेट फणीभूषण पांडेय ने पक्ष रखा. यह मुकदमा नाबालिग के पिता ने सोनारायठाढ़ी थाना में दर्ज कराया था.
क्या था मामला
सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में यह घटना बीते एक सितंबर 2007 को हुई थी. नाबालिग लड़की जलावन चुनने के लिए घर से बाहर जंगल की ओर गयी थी. जहां पर आरोपित ने उसे दबोच कर दुष्कर्म का प्रयास किया था. शोर मचाने पर लोग जुटे तब जाकर उसकी आबरू बची थी. हालांकि आरोपित भाग निकला था. पप्पू मिर्धा को आरोपित बनाया गया था. करीब 11 साल के बाद इस मामले में फैसला अाया व जिसमें उक्त सजा दी गयी. कोर्ट ने दुष्कर्म प्रयास का दोषी नहीं पाया, लेकिन छेड़खानी में संलिप्तता ठहराते हुए दो साल की सश्रम सजा सुनायी.

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