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सारठ में ठगी की योजना बनाते 2 युवक समेत 8 साइबर क्रिमिनल गिरफ्तार, 55 हजार से अधिक की हुई बरामदगी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : 8 साइबर क्रिमिनल की गिरफ्तारी की जानकारी देते देवघर एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा. साथ में अन्य पुलिस पदाधिकारी.
Jharkhand news : 8 साइबर क्रिमिनल की गिरफ्तारी की जानकारी देते देवघर एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा. साथ में अन्य पुलिस पदाधिकारी.
प्रभात खबर.

Cyber crime news, Deoghar news : देवघर : देवघर जिला अंतर्गत सारठ थाना क्षेत्र के झगराही गांव में साइबर ठगी को अंजाम देते 2 साइबर क्रिमिनल को पुलिस ने रंगेहाथ दबोच लिया. इसके बाद उनकी निशानदेही पर 4 और साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया गया. एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा द्वारा गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की. पुलिस ने साइबर क्रिमिनल के पास से नकदी समेत मोबाइल आदि बरामद किये हैं. यह जानकारी पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी श्री सिन्हा ने दी.

एसपी ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि झगराही गांव स्थित सुनसान स्थान पर एक साथ बैठकर कुछ युवक साइबर ठगी कर रहे हैं. इसके बाद प्रशिक्षु आइपीएस सह सारठ थाना प्रभारी कपिल चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम से छापेमारी करायी गयी. छापेमारी के दौरान साइबर ठगी को अंजाम देते विक्की कुमार एवं कुरुमटांड़ निवासी दुरजू राणा को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया. इसके बाद इन दोनों की निशानदेही पर झगराही सहित कुरुमटांड़ व पथरड्डा ओपी क्षेत्र के बसहाटांड़ गांव में छापेमारी कर झगराही गांव से चंदन कुमार, अपने मामा अशोक मंडल के घर में रह रहे पालोजोरी थाना क्षेत्र के डुमरकोला निवासी नवल कुमार मंडल, बसहाटांड़ गांव से अब्दुल जब्बार अंसारी, मनुवर अंसारी, मो हसरुद्दीन अंसारी एवं जाहिद अंसारी को गिरफ्तार किया गया.

वहीं, इन आरोपितों के पास से नकद 55500 रुपये सहित 26 मोबाइल, 38 सिमकार्ड, 13 एटीएम, 5 पासबुक एवं 4 बाइक जब्त किये गये हैं. इन सभी के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है. इन साइबर क्रिमिनल के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

अलग-अलग तरीके से होती है ठगी

एसपी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि साइबर ठगी में उक्त सभी अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. वे फर्जी मोबाइल से कॉल कर खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए लोगों को एटीएम बंद होने एवं चालू कराने का झांसा देकर ओटीपी की जानकारी लेते हैं और एकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं. वहीं, केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर लोगों से ओटीपी, आधार नंबर की जानकारी लेकर सबंधित ग्राहक के आधार लिंक एकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं. फोन-पे, पेटीएम में मनी रिक्वेस्ट भेजकर सबंधित ग्राहकों से ओटीपी की जानकारी लेने के बाद रुपये ठगी कर लेते हैं. गूगल पर विभिन्न प्रकार के वॉलेट बैंक के फर्जी कस्टमर केयर नंबर का विज्ञापन देकर आमलोगों को मदद का झांसा देकर एकाउंट से रुपये उड़ाते हैं. इसके अलावे टीम व्यूवर एवं क्विक स्पोर्ट जैसे रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल कराकर गूगल पर मोबाइल नंबर का पहला 4 डिजिट सर्च कर अपने मन से 6 डिजिट जोड़कर ग्राहकों को कॉल कर फंसाते हैं और साइबर ठगी करते हैं.

छापेमारी टीम में ये थे शामिल

प्रशिक्षु आइपीएस के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल में मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा, इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, एसआइ अघनु मुंडा, प्रेम प्रदीप कुमार, रूपेश कुमार, स्वरूप भंडारी, अवधेश बाड़ा, मनोज कुमार मुर्मू, संगीता रजवार, रेणु कुमारी, राजेश कुमार, पुलिसकर्मी प्रदीप कुमार मंडल, जयराम पंडित, मंगल टुडू, प्रेमसागर पंडित, सोमलाल मुर्मू, इमानुएल मरांडी, रतन दुबे, श्यामापद सिंह व अशोक कुमार ठाकुर शामिल थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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