कुंभ की तरह देवघर श्रावणी मेला को मिलेगी प्रसिद्धि, स्वच्छता व विनम्रता बने हमारी पहचान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर : बोलबम की जयघोष तथा स्वच्छता व विनम्रता के मूलमंत्र के साथ श्रावणी मेला 2019 की शुरुआत हुई. झारखंड-बिहार का प्रवेश-द्वार दुम्मा में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन तथा फीता काट कर उद्घाटन किया. इसके बाद प्रवेश-द्वार को कांवरियों के आवागमन के लिए खोल दिया.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले में स्वच्छता की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है. इससे प्रयागराज गौरवांवित हुआ है. ठीक उसी प्रकार देवघर की स्वच्छता और विनम्रता की चर्चा पूरे विश्व में होनी चाहिए. देवघर श्रावणी मेला की प्रसिद्धि भी कुंभ की तरह होगी, इसको लेकर बाबानगरी को विकसित किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा : देवघर अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो. इस निमित केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है. देवघर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया में अपनी पहचान बनायेगी. देवघर व आसपास के पर्यटक स्थलों को विकसित किया जायेगा. 40 करोड़ की लागत से क्यू काम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है.
श्रावणी मेला के बाद प्रसाद योजना की शुरुआत होगी. केंद्र सरकार ने देवघर में टैगोर सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. फूड क्राफ्ट इंडस्ट्रीज की योजना तैयार है ताकि होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कार्य हो. ये सभी कार्य राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे. इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा. यह मेला पूर्व से ही लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है. एम्स और एयरपोर्ट के निर्माण के बाद देवघर की एक नयी छवि बन कर सामने आयेगी.
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि श्रावणी मेले में अगर कहीं त्रुटियां नजर आये तो सोशल मीडिया के माध्यम से जरुरत अवगत करायें.
आमजन व सामाजिक संगठन अपनी भूमिका निभायें
मेला क्षेत्र में स्वच्छता को बनाये रखने में देवघर की जनता, सामाजिक व राजनीतिक संगठन अपनी-अपनी भूमिका निभायें. जिला प्रशासन के लोग पूरे एक माह तक श्रद्धालुओं की सेवा पूरा ध्यान रखेंगे. इस मेला के माध्यम से देवघर की छवि निखरेगी. दुम्मा प्रवेश द्वार पर कांवरियों की आगवानी कर बाबा नगरी में शिव भक्तों का अभिनंदन भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर के डीसी राहुल कुमार सिन्हा युवा तुर्क हैं. इनके अगुवाई में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बेहतरीन तरीके से श्रावणी मेला के लिए काम किया है.
रावणेश्वर बैद्यनाथ सबों का कल्याण करें
मुख्यमंत्री ने कहा : रावणेश्वर बैद्यनाथ सभी का कल्याण करें. झारखंड की जनता पर अपनी कृपा बरसायें. राज्य की जनता को श्रावणी मेला की शुभकामनाएं देता हूं. देवघर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है. यह उपाधि महादेव के बिना निरर्थक है. बाबा के आशीर्वाद से आज झारखंड विकसित राज्य की श्रेणी की ओर बढ़ रहा है.
उदघाटन समारोह में सूबे के चार मंत्री, देवघर विधायक सहित अधिकारी शामिल थे
श्रावणी मेला के उदघाटन समारोह में महिला बाल विकास एवं सामाजिक कल्याण मंत्री डा लोइस मरांडी, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री रणधीर कुमार सिंह, पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, श्रम प्रशिक्षण एवं नियोजन मंत्री राज पलिवार, देवघर विधायक नारायण दास, भाजपा जिलाध्यक्ष दिवाकर गुप्ता, डिप्टी मेयर नीतू देवी, दिगंबर जैन धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष टीसी जैन, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर, मंत्री अरुणानंद झा, पर्यटन सचिव राहुल शर्मा, प्रमंडलीय आयुक्त बिमल, डीआइजी राज कुमार लकड़ा, देवघर डीसी राहुल कुमार सिन्हा, देवघर एसपी नरेंद्र कुमार सहित संबंधित विभाग के अधिकारी व काफी संख्या में श्रद्धालु आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम में मंच संचालन राम सेवक सिंह गुंजन ने किया.
कांवरिया पथ पर झारखंड में प्रवेश-द्वार दुम्मा व बासुकिनाथ में मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री बोले
* अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनेगी बाबानगरी, केंद्र व राज्य दोनों प्रयासरत
* देवघर में श्रावणी मेले के बाद शुरू होगी प्रसाद योजना
* बासुकिनाथ में 20 करोड़ की लागत से शुरू किया जायेगा प्रसाद योजना
* पर्यटन के बढ़ावा से राजस्व बढ़ेगा, बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
* सांस्कृतिक राजधानी की कल्पना महादेव के बिना निरर्थक
सीएम की अपील
मेले में अगर कहीं त्रुटियां नजर आये, तो सोशल मीडिया के माध्यम से जरुरत अवगत करायें
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