चयनित अभ्यर्थी को स्थल पर नहीं मिलता चयन पत्र

By Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर: जिल भर में बाल विकास परियोजना से आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल 25 सेविका-सहायिका चयन आम सभा के जरिये किया जा रहा है. लेकिन अधिकांश स्थानों पर आम सभा से चयनित सेविका-सहायिका के अभ्यर्थियों को औपबंधिक चयन पत्र नहीं दिया जा रहा है. नियमानुसार आमसभा में सर्वसम्मति से अभ्यर्थियों का चयन होने के बाद पंजी में प्रस्ताव पारित किया जाता है व सभा समाप्ति का हस्ताक्षर करने के बाद संबंधित अभ्यर्थी को आम सभा के बीच पर्यवेक्षक औपबंधिक चयन पत्र सौंप देते हैं. इधर, चयनित अभ्यर्थियों को औपबंधिक प्रमाण पत्र लेने के लिए सीडीपीओ व पर्यवेक्षक के आवास का चक्कर लगाना पड़ रहा है. कई चयनित अभ्यर्थियों को सप्ताह भर बाद औपबंधिक चयन पत्र सीडीपीओ कार्यालय में दिया गया.

आम सभा की पारदर्शिता को नजरअंदाज

सेविका-सहायिका के चयन में आयोजित आम सभा में मुखिया समेत सैकड़ों लोग शामिल रहते हैं. आम सभा में सर्वसम्मति के बाद ही अभ्यर्थी का चयन होता है, लेकिन आम सभा के बीच चयन पत्र नहीं देकर अधिकारियों द्वारा आम सभा की पारदर्शिता को नजरअंदाज किया जा रहा है.

यह पंचायतीराज व्यवस्था की भी अनदेखी है. सेविका-सहायिका का चयन सर्वाधिक पालोजोरी, मोहनपुर व देवघर ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है. इसमें सर्वाधिक चयन पालोजारी प्रखंड में हुआ है.

क्या कहते हैं अधिकारी : डीपीओ राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि नियमानुसार आम सभा में सर्वसम्मति से चयन के बाद स्थल पर ही अभ्यर्थी को औपबंधिक चयन पत्र देना है. बाद में प्रक्रिया पूरी कर जिलास्तर पर चयन का अनुमोदन किया जायेगा. अगर ऐसा नहीं किया जा रहा है तो नियमों का उल्लंघन है. इस मामले को संज्ञान में लिया जायेगा.

केस स्टडी

मोहनपुर प्रखंड स्थित बलथर पंचायत के सिकटिया गांव में आंगनबाड़ी सेविका के चयन के लिए सात जून को आम सभा आयोजित की गयी. इसमें रिंकु कुमारी को सर्वसम्मति से सेविका पद पर चयनित किया गया. लेकिन सीडीपीओ द्वारा आम सभा के बीच औपबंधिक चयन पत्र नहीं दिया गया. इसे लेकर लोगों ने नारजगी भी व्यक्त की. अंत में मुखिया सरिता देवी सुमन के पहल पर सीडीपीओ की उपस्थिति में आम सभा की पंजी में रिंकु कुमारी के चयन का प्रस्ताव पारित कर सभा समाप्ति का हस्ताक्षर किया गया.अभी तक रिंकु कुमारी को चयन पत्र नहीं मिला है. जबकी जमुनियां पंचायत के रोपनी गांव में भी चयन के 15 दिनों बाद भी चयन पत्र नहीं दिया गया है.

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