डेढ़ साल से बंद है जलापूर्ति योजना का काम

इस साल गर्मी में भी प्रखंड के नागरिकों को नहीं मिलेगा नल से जल

: इस साल गर्मी में भी प्रखंड के नागरिकों को नहीं मिलेगा नल से जल इटखोरी. राज्य सरकार के उदासीन रवैया के कारण प्रखंड के नागरिकों को इस साल भी नल से जल नहीं मिल सकेगा. लोगों को कुआं व नदियों पर आश्रित रहना पड़ेगा. हर घर नल जल योजना खटाई में पड़ गयी है. पिछले डेढ़ साल से पाइप लाइन जलापूर्ति योजना का काम बंद है. मात्र 40 प्रतिशत काम हुआ है. कार्य स्थल पर न तो साइट इंचार्ज का पता है और न ही विभागीय अधिकारियों का. पीएचइडी के कार्यालय में ताला लटका हुआ है. स्थानीय लोगों की मानें, तो संवेदक की लापरवाही के कारण ग्राम पंचायतों में निर्मित जलमीनारों के निर्माण के लिए बांधा गया बांस अबतक यथावत स्थिति में है, बांसों को नहीं खोले जाने के कारण टूट कर गिरता रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. मालूम हो कि उक्त योजना की प्राक्कलित राशि 142 करोड़ रुपये है. इसके संवेदक अमरेश गुप्ता हैं. योजना के तहत प्रत्येक घर में नल के माध्यम से जल पहुंचाना था, इसे वर्ष 2024 में पूरा करना था, लेकिन योजना के तहत नलों के माध्यम से पानी पहुंचाने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है. नये सिरे से निविदा निकाली जायेगी : कार्यपालक अभियंता इटखोरी की पाइप लाइन पेयजलापूर्ति योजना का काम बंद रहने के मामले में पीएचइडी कार्यपालक अभियंता मनोज मुंडारी ने कहा कि कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया है. मामला न्यायालय में लंबित है. इटखोरी में किये गये कार्य की अंतिम मापी कर नये सिरे से निविदा निकाली जायेगी, फिलहाल इस कार्य मे समय लगेगा.

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Published by: Deepesh kumar

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