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झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में तीन नवजात की गयी जान

By Prabhat Khabar Print Desk
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लावालौंग : प्रखंड क्षेत्र के कटिया पंचायत निवासी पंकज गंझू ने झोला छाप डॉक्टर मुन्ना पर अपनी तीन नवजात बच्चियों की जान लेने का आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार, पंकज गंझू की पत्नी कलावती देवी ने रेफरल अस्पताल सिमरिया में शुक्रवार की सुबह एक साथ तीन बच्चियों को जन्म दिया था, जिनका वजन क्रमशः सवा किलो, डेढ़ किलो और पौने दो किलो था. स्थिति को देखते हुए उन्हें आइसीयू में रखने की बात कह कर हजारीबाग के लिए रेफर कर दिया गया. इसी बीच लावालौंग बाजारटांड़ में अवैध रूप से क्लिनिक चलानेवाला झोलाछाप डॉक्टर मुन्ना वहां पहुंचा. वह अपने निजी वाहन से नवजात बच्चियों को अपने क्लिनिक ले जाने का दबाव बनाने लगा. इसका एएनएम बबीता मेहता ने विरोध किया.

एएनएम का कहना था कि निजी वाहन में ऑक्सीजन सहित अन्य जरूरी सुविधा नहीं रहती है, अतः बच्चे 108 एंबुलेंस से ही अस्पताल जायेंगे. इसके बाद भी मुन्ना परिजनों को गुमराह कर नवजात बच्चियों को लावालौंग बाजारटांड़ स्थित अपने क्लिनिक में ले आया. वहां इलाज के क्रम में पहले दो बच्चियों की मौत हो गयी. वहीं रात में तीसरी बच्ची ने भी दम तोड़ दिया. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर भूषण राणा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे भी सूचना मिली है.

जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. इधर, झोलाछाप डॉक्टर मुन्ना का कहना है कि उसने नवजात की मां का इलाज किया था. बच्चियों का उसने इलाज नहीं किया. मुझ पर लगाया गया आरोप गलत है.नकली खून चढ़ाने का भी लगा था आरोप, बच्चा बेचने के आरोप में जा चुका है जेलमुन्ना पर चार वर्ष पूर्व भी लावालौंग के टेवना गांव में नकली खून चढ़ा कर एक व्यक्ति की जान लेने का आरोप भी लग चुका है. 18 जनवरी 2018 को पुलिस ने टंडवा गांव निवासी कैलाश यादव के घर से एक बच्चा बरामद किया था. उक्त बच्चे को झोला छाप डॉक्टर मुन्ना ने ही कैलाश यादव को बेचा था. इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

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