इस मार्ग पर घनी आबादी और कई विद्यालय स्थित हैं. छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होती है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन से कई बार ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पैदल चलना भी मुश्किल हैपचमहला गांव के यूएमएस पचंबा के ग्राम शिक्षा समिति अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि विद्यालय सड़क किनारे है और छोटे-छोटे बच्चे रोजाना खतरे में रहते हैं. पप्पू यादव ने बताया कि सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. सुरेश यादव ने कहा कि प्रशासन को बार-बार शिकायत दी गयी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया. बरटोला निवासी कमता प्रसाद और दिलीप भारती ने कहा कि दिन-रात हाइवा चलने से दंतार से पखा मोड़ तक आना-जाना कठिन हो गया है.
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे, ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाये और सड़क की मरम्मत कराये. यह केवल सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि जनसुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है. यदि समय रहते कदम नहीं उठाये गये तो बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं.