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चतरा के इटखोरी में पावरग्रिड निर्माण के लिए टावर लगाने का जमीन मालिकों ने किया विरोध, आत्मदाह की दी धमकी, अधिकारियों को लौटना पड़ा बैरंग

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मिनी पावरग्रिड के लिए टावर निर्माण का विरोध करते हुए कार्य स्थल पर आत्मदाह की धमकी देते रैयत.
मिनी पावरग्रिड के लिए टावर निर्माण का विरोध करते हुए कार्य स्थल पर आत्मदाह की धमकी देते रैयत.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (इटखोरी, चतरा) : झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत इटखोरी- चोरकारी से चतरा- डाढ़ा ट्रांसमिशन लाइन (132 केवी) के लिए टावर लगाने को लेकर परोका गांव के पास भूमि मालिकों ने विरोध शुरू किया. इस दौरान भूमि मालिक अभिमन्यु राणा ने कार्यस्थल पर हाथ में पेट्रोल लेकर आत्मदाह की धमकी दी. भूमि मालिकों के विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बैरंग वापस लौटना पड़ा.

पुलिस बल के साथ कार्य शुरू कराने गये बीडीओ सह दंडाधिकारी विजय कुमार, थाना प्रभारी निरंजन मिश्रा, ट्रांसमिशन लाइन के कार्यपालक अभियंता अजयकांत झा को विरोध के कारण लौटना पड़ा. मामला बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला से महिला पुलिस बल भी बुलाया गया था.

क्या है मामला

चतरा के डाढ़ा गांव में 132 केवी का मिनी पावरग्रिड का निर्माण हो रहा है. इसके लिए ट्रांसमिशन लाइन की जरूरत है. उक्त ट्रांसमिशन लाइन इटखोरी-चोरकारी पावरग्रिड से ले जाया जा रहा है. लाइन के लिए टावर का निर्माण परोका निवासी अभिमन्यु राणा व उनके परिवार के जमीन में कराया जा रहा था, जिसका सभी भूमि मालिकों ने विरोध किया. उक्त कार्य हैदराबाद की केरामचंद्रन नामक कंपनी करवा रही है. विरोध के कारण सभी अधिकारी व कंपनी के कर्मी को बैरंग लौटना पड़ा.

पूर्व में कराये गये सर्वे में हुआ है बदलाव : भूमि मालिक

कार्य के विरोध में आत्मदाह का विरोध करने वाले भूमि मालिक अभिमन्यु राणा ने कहा कि जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि पूर्व में कराये गये सर्वे में बदलाव किया गया है. हमलोगों का सारा जमीन टावर व बिजली के पोल में ही चला जा रहा है. आखिर खेती-बारी कहां करेंगे. परिवार की संख्या बढ़ रही है. जरूरत मुताबिक आवास की जरूरत पड़ेगी, तो कहां बनायेंगे. बाल-बच्चों के भविष्य को बर्बाद होते नहीं देख सकते हैं. इस मौके पर दर्जनों भूमि मालिक उपस्थित थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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