: 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहा है निर्माण कार्य जोरी. घंघरी से कौलेश्वरी तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य में एकतरफा भूमि अधिग्रहण का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण सेंटर ऑफ रोड के अनुसार नहीं किया जा रहा है. सड़क के जिस ओर रैयती भूमि खाली है, उसी ओर की जमीन पर निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने के बाद भी उसे नजरअंदाज किया जा रहा है. ग्रामीणों ने विशेष रूप से दंतार स्थित जैन धर्मशाला के पास का मामला उठाया, जहां सेंटर ऑफ रोड से दोनों ओर बराबर भूमि लेने के बजाय केवल एक तरफ की रैयती जमीन का उपयोग किया जा रहा है. आरोप है कि जैन धर्मशाला का बाउंड्री वॉल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया गया है, फिर भी उसे हटाये बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण के लिए दोनों किनारों से समान रूप से भूमि अधिग्रहण किया जाये. घंघरी से पैनी कला, दंतार, लेढ़ो होते हुए कौलेश्वरी के नकटी देवी तक करीब 10.5 किमी लंबी सड़क जर्जर स्थिति में है. इस सड़क का निर्माण 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पलामू की सिलदिलिया कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है. कंस्ट्रक्शन कर्मी राहुल सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कहीं रैयती, तो कहीं वन भूमि से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. सड़क को नौ मीटर चौड़ाई में बनाया जाना है, जिसके लिये 15 मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. हालांकि, जहां घनी आबादी है, वहां संभवतः नौ मीटर तक ही भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है.
एकतरफा भूमि अधिग्रहण का विरोध, सड़क निर्माण कार्य रोका
35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहा है निर्माण कार्य
