कुंदा. मध्य विद्यालय सह स्तरोन्नत प्लस टू उवि कुंदा में बुधवार को बिना आदेश दोबारा प्रबंधन समिति का चुनाव कराने का ग्रामीणों ने विरोध किया. पर्यवेक्षक के साथ ग्रामीणों की तू-तू मैं-मैं हो गयी. ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यवेक्षक सह सीआरपी शशिभूषण सिंह विवाद को तूल दे रहें है. चुनाव स्थगित के बाद भी वे गुपचुप तरीके से चुनाव कराने के लिए दो बार विद्यालय पहुंचे और आसपास के कुछ ग्रामीणों को बुलाकर चुनाव संपन्न कराने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही ग्रामीण विद्यालय पहुंच कर पर्यवेक्षक से विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनः चुनाव कराने संबंधित लेटर मांगा, तो वे भड़क गये. ग्रामीणों ने पर्यवेक्षक पर आरोप लगाया है कि वे अपने चहेते को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं. दस जनवरी 2025 को चुनाव हुआ था, जिसमें आपराधिक व्यक्ति को अध्यक्ष बना दिया गया था. साथ ही एक घर के दो व्यक्ति और एक गांव से पांच सदस्य बनाया गया था. ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए डीसी, डीइओ व बीइइओ को आवेदन देकर चुनाव रद्द कराने की मांग की थी. दोबारा चुनाव कराने को लेकर विभाग द्वारा कोई लेटर जारी नहीं किया गया, इसके बावजूद पर्यवेक्षक द्वारा गुपचुप तरीके से चुनाव कराया जा रहा था. विरोध करनेवालों में जितेंद्र कुमार शौंडिक, गुड्डू वर्मा, संजय गुप्ता, विनिता देवी, लकेश वर्मा, साखो देवी, राधा देवी, सत्येंद्र पासवान, कैलास गंझू, बिनोद कुमार, रमेश कुमार, मंगरी देवी समेत कई ग्रामीण शामिल थे.
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