निर्माण के लिए दिन-रात बालू का उठाव कर एक जगह इकट्ठा किया जा रहा है और उसका उपयोग किया जा रहा है. ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि बालू की कमी के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आवासीय निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहे हैं. उन्हें अधिक कीमत पर बालू खरीदना पड़ रहा है. वहीं पुल निर्माण में बिना अनुमति के ही अवैध बालू का उपयोग किया जा रहा है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
नदी में पर्याप्त बालू उपलब्ध हैसाइट इंचार्ज नंदू रजक का कहना है कि जिस नदी पर पुल बनाया जा रहा है, उसी नदी में पर्याप्त बालू उपलब्ध है, इसलिए बाहर से लाने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि ग्रामीणों का तर्क है कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व की हानि हो रही है बल्कि स्थानीय लोगों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं. यह मामला प्रशासनिक हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई की मांग करता है ताकि परियोजना समय पर पूरी हो और ग्रामीणों को राहत मिल सके.
