चतरा : जिला प्रशासन व टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान(टिस) मिल कर चतरा के विकास को रफ्तार देंगे. इसे लेकर जिला प्रशासन व उक्त संस्थान के साथ शनिवार को एमओयू हुआ. एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के साथ अन्य डेवलपमेंट पर भी कार्य किया जायेगा. चतरा पहला जिला है जिसने टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान के साथ एमओयू किया है.
जिले के विकास के लिए जिला प्रशासन और टिस में एमओयू
चतरा : जिला प्रशासन व टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान(टिस) मिल कर चतरा के विकास को रफ्तार देंगे. इसे लेकर जिला प्रशासन व उक्त संस्थान के साथ शनिवार को एमओयू हुआ. एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के साथ अन्य डेवलपमेंट पर भी कार्य किया जायेगा. चतरा पहला जिला है जिसने टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान के साथ एमओयू किया […]

यह जानकारी डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने दी. डीसी ने बताया कि जिले के लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य हो रहा है. लोगों की भलाई के लिए जिला प्रशासन व टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान विकास के संभावनाएं तलाशी जायेगी, जिसका तकनीकी समर्थन संस्थान करेगा. संस्थान जिले में एक वर्ष तक कार्य करेगा.
डीसी ने कहा की शैक्षणिक क्षेत्र व सार्वजनिक क्षेत्र की जानकारी से हमें संवेदनशील समुदाय बेहतर सेवा प्रदान करने में मदद मिलेगी. मिल कर कार्य करने से जिले के भविष्य बेहतर बन सकता है. उन्होंने कहा कि यह कार्य वह अकेले नहीं कर पाते, इसलिए प्रोफेशनल एजेंसी की मदद ले रहे हैं. आकांक्षी जिला की रैंकिंग में सुधार के लिए जमीनी स्तर पर सुधार कर विकसित जिले के श्रेणी में खड़ा करना हैं.
इस अवसर पर संस्था के डिप्टी डायरेक्टर सह प्रो शिव राजू, प्रो अश्विनी कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर होने पर खुशी जाहिर की. डायरेक्टर राजू ने कहा कि स्टेक होल्डर की मदद करना, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाएं, स्किल कृषि व जल संसाधन समेत फील्ड में कार्य करना है. प्रो अश्विनी ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ हुए इस करार से काफी उत्साहित हैं. हमने मनरेगा समेत कई नीतियों को बनाया है. जिले में विकास को लेकर कई चुनौतियां हैं, जिसे दूर करने के लिए यहां मिल कर काम किया जायेगा.
जिले में विकास को लेकर बहुत संभावनाएं हैं. चतरा पूरे प्रदेश को लीड करने की ताकत रखता है. अगर हमलोग जिले के विकास के लिए कुछ भी मदद कर सकते हैं. हम वादा करते हैं कि हर संभव मदद करेंगे. इस अवसर पर डीडीसी मुरली मनोहर प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सीएस डॉ एसपी सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी काली किंकर, जिला खनन पदाधिकारी अजीत कुमार, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी, आकांक्षी जिला विशेषज्ञ नीलेश भट्टाचार्य, आशीष कुमार समेत कई उपस्थित थे.