चतरा : पत्रकार चंदन तिवारी की हत्या मनरेगा के तहत बनाये जा रहे तालाब में अनियमितता की खबर प्रकाशित करने पर की गयी. हत्या में शामिल बेलहर गांव निवासी यमुना प्रसाद और मुसाफिर राणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
दोनों ने अपराध स्वीकार लिया है. वहीं, हत्याकांड का मास्टमाइंड पिंटू सिंह फरार है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर छापामारी की जा रही है. एसपी अखिलेश वी वारियर ने 48 घंटे में ही हत्याकांड का खुलासा करने का दावा करते हुए उक्त जानकारी दी.
एसपी ने बताया कि बेलहर गांव निवासी पिंटू सिंह को मनरेगा योजना के तहत तालाब बनाने का टेंडर मिला था. 4.50 लाख रुपये की लागत से बननेवाले तालाब में मानव श्रम का उपयोग नहीं कर जेसीबी मशीन से खुदाई की गयी. पत्रकार चंदन ने नियम विरुद्ध बने तालाब की खबर प्रकाशित कर दी. इससे नाराज पिंटू और चंदन में बकझक भी हुई. इसके बाद पिंटू ने यमुना और मुसाफिर राणा के साथ मिलकर पत्रकार चंदन से बदला लेने की योजना बनायी. 29 अक्तूबर की देर शाम तीनों आरोपी ने पत्रकार चंदन से बात की और कहा कि विवाद को समाप्त किया जाये. इसके बाद चंदन से कहा कि शराब पीने कोदवारी जंगल चलते हैं.
तीनों के दबाव देने पर चंदन ने हामी भर दी और सभी कोदवारी जंगल चले गये. वहां पहुंचने पर तीनों आरोपी ने चंदन को डंडे से पीट-पीट कर मार डाला. इसके बाद शव को बलथरवा-हुडमुड रोड के किनारे फेंक दिया. एसपी ने बताया कि यमुना व मुसाफिर की निशानदेही पर कोदवारी जंगल से मृतक चंदन तिवारी का चप्पल, चश्मा व घटना में प्रयुक्त डंडा बरामद किया गया.
एसपी ने बताया कि पत्रकार चंदन के परिजनों को टीपीसी के उग्रवादियों पर शक था. इस कारण टीपीसी के प्रशांत व मुकेश गिरि के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था.
