चक्रधरपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले में परमाणु खनिजों की खोज को लेकर भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत कार्यरत परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण शुरू कर दी है. चक्रधरपुर प्रखंड के पुसालटा जंगल में माइनिंग (खनन) की आहट मिलते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है.
तीन गांवों के ग्रामीणों ने बुलायी ग्रामसभा
पुसालटा जंगल में खनन की संभावनाओं के विरोध में पुसालटा गांव में विशाल ग्रामसभा की गयी. इस ग्रामसभा में पुसालटा, मुरहातु और गुड़गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. ग्रामसभा का नेतृत्व मुरहातु मुंडा साधुचरण जोंको, पुसालटा मुंडा रांदो कोड़ाह और गुड़गांव मुंडा ने किया. ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपनी जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए माइनिंग का विरोध करेंगे. इस मौके पर मुखिया माझी जोंको, दयासागर केराई, रमेश कोड़ाह, ओयबोन बोयपाई, सुकमती जोंको, रवि सोय, अंजली कांडेयांग, पोंडेराम जोंको, लक्ष्मी जोंको, उज्ज्वल राम कोडा़ह, बैजंती रुइडीह, सेलाई बानसिंह, जसिंता बोयपाई, लोंजो हेंब्रम, मेंजो कोड़ाह, माधु कोड़ाह और नानिका बोयपाई समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
इन क्षेत्रों में होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण
जानकारी के अनुसार एएमडी की टीम जिले के लोटापहाड़, दुआपुरम, बांगुरडीह और चक्रधरपुर क्षेत्र में परमाणु खनिजों की संभावनाओं को लेकर तकनीकी जांच करेगी. सर्वेक्षण के लिए एएमडी की टीम ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित प्लॉट संख्या 292 में अपना अस्थाई कैंप बनाया है. एएमडी ने इस अन्वेषण कार्य के सुचारु संचालन के लिए पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सूचना दी है और सुरक्षा व सहयोग की अपेक्षा जतायी है. टीम में वैज्ञानिक सी अजय हरिदास और देवराज सिंह शामिल हैं.