गुवा. गुवा सेल खदान क्षेत्र में सोमवार से स्थानीय बेरोजगारों के भविष्य को लेकर आंदोलन शुरू हुआ. 12 गांवों के मुंडा-मानकी संघ ने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में 500 स्थानीय युवाओं की बहाली की मांग पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया. सेल की गुवा खदान में उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चांपिया और मुंडा सोंगा सुरीन ने कहा कि स्थानीय ग्रामीण और मुंडा-मानकी संघ लंबे समय से रोजगार की मांग कर रहे हैं. प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गयी. जब तक 500 स्थानीय बेरोजगारों की बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तब तक यह चक्का जाम और आंदोलन जारी रहेगा.
सुबह चार बजे बसों को रोका खदान में नहीं जा सके कर्मी
प्रदर्शनकारियों ने सुबह 4 बजे प्रथम पाली में खदान जाने वाली बसों को रोक दिया, जिससे सेल कर्मी और मजदूर अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके. इसके बाद आंदोलनकारियों का हुजूम खदान के विभिन्न महत्वपूर्ण केंद्रों की ओर बढ़ा और कामकाज बंद करा दिया.
उत्पादन और रेलवे डिस्पैच पर गहरा असर
आंदोलनकारियों ने गुवा सेल के साइज स्क्रीन प्लांट और पहाड़ के ऊपर स्थित क्रॉसिंग प्लांट को बंद करा दिया. इससे लौह अयस्क का उत्पादन पूरी तरह बाधित है. सेल रेलवे बंकर से होने वाले लौह अयस्क के डिस्पैच (परिवहन) कार्य को ठप कर दिया गया है. प्रबंधन को भारी वित्तीय नुकसान होने की संभावना जतायी जा रही है.
भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात
हालात की गंभीरता और संभावित हंगामे को देखते हुए गुवा प्रशासन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं. प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुंडा, मानकी और ग्रामीण शामिल हैं.
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