चक्रधरपुर. जनता रेल आंदोलन समिति के एक शिष्टमंडल ने गुरुवार को एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी से मुलाकात की. समिति ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि चक्रधरपुर रेल मंडल की कार्यप्रणाली से आम जनता बेहाल है. ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने और कई पैसेंजर ट्रेनों के बंद होने से छात्रों, मजदूरों और मरीजों को भारी परेशानी हो रही है. लोगों को मजबूरी में सड़क मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है.
समिति ने आरोप लगाया कि रेलवे केवल राजस्व कमाने में लगा है. चक्रधरपुर मंडल से रोजाना 200 से ज्यादा मालगाड़ियां गुजरती हैं, लेकिन यात्रियों के लिए चलने वाली मात्र 25-30 ट्रेनों की स्थिति बेहद खराब है. ट्रेनें 8 से 9 घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे लोगों की आजीविका और शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है.
रेलवे द्वारा एनएच-75 के किनारे बैरिकेडिंग और गेट लगाये जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया गया है. समिति ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि इससे अस्पताल, स्कूल और सरकारी दफ्तरों का रास्ता बाधित हो गया है. रात के समय गेट बंद होने से पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है. आंदोलन समिति ने मांग की है कि यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाये और उन्हें समय पर चलाया जाये. साथ ही, जनहित में लगाए गए बैरिकेडिंग गेट को तुरंत हटाने की अपील की गई है. ज्राञापन सौंपने वालों में रामलाल मुंडा, विजय सिंह सुंबरुई, बैरम खान और पप्पू प्रसाद मौजूद रहे.
