चाईबासा.
समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्थापना समिति सह अनुकंपा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. बैठक में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों में लिपिकीय संवर्ग के पदों के वर्गीकरण, नए पदों के सृजन और अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.पदों का तार्किक वर्गीकरण और नये सृजन को मंजूरी
प्रशासनिक कार्यों को सुचारू और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला अंतर्गत कुल 22 जिला व अनुमंडल स्तरीय कार्यालयों तथा 36 प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गयी. बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में 14 कार्यालय अधीक्षक और 54 प्रधान लिपिक कार्यरत हैं. कार्यों में गति लाने के लिए समिति ने 82 उच्च वर्गीय लिपिक और 123 निम्न वर्गीय लिपिक के पदों के कार्यालयवार वर्गीकरण को स्वीकृति दी. इसके अतिरिक्त, बढ़ते कार्यभार को देखते हुए राज्य सरकार को 167 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी. इसमें 08 अतिरिक्त कार्यालय अधीक्षक, 34 प्रधान लिपिक, 50 उच्च वर्गीय लिपिक और 75 निम्न वर्गीय लिपिक के पद शामिल हैं. उपायुक्त ने कहा कि इस तार्किक वर्गीकरण से व्यवस्था मजबूत होगी. बैठक के दूसरे चरण में जिला अनुकंपा समिति के समक्ष आए कुल 53 आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा की गई. नियमों और निर्धारित मापदंडों के आधार पर 46 आवेदनों को स्वीकृति दी गई. इसके तहत कुल 46 अभ्यर्थियों के नामों की अनुशंसा की गई है, जिनमें 29 को लिपिक और 17 व्यक्तियों को अनुसेवी के पद पर नियुक्त किया जायेगा. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत मामलों में त्वरित कार्रवाई करें ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके. बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), पोड़ाहाट-चक्रधरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, स्थापना उपसमाहर्ता और ट्रेजरी ऑफिसर सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
