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Jharkhand News: अस्पताल में भर्ती कराने के 24 घंटे के भीतर हो गयी 7 कोरोना पॉजिटिव की मौत

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
पश्चिमी सिंहभूम में 10 अगस्त से 6 सितंबर के बीच मिले सबसे ज्याद कोरोना संक्रमित.
पश्चिमी सिंहभूम में 10 अगस्त से 6 सितंबर के बीच मिले सबसे ज्याद कोरोना संक्रमित.
Abhishek Piyush

चाईबासा (अभिषेक पीयूष) : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला में कोरोना के कुल 3 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना से मरने वाले कुल 16 लोगों में सबसे अधिक जिले के 7 मरीज की मौत उनमें संक्रमण की पुष्टि के 24 घंटे के भीतर हो गयी.

व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में उसे आइसोलेट किया गया और 24 घंटे के भीतर उसकी जान चली गयी. 2 लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती कराने के 48 घंटे बाद हुई. 5 कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हॉस्पिटल में में भर्ती करने के 72 घंटे के बाद हुई.

बताया गया है कि जिला में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से जितने लोगों की मौतें हुई हैं, उनमें से अधिकतर को कई अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं. वे कोरोना से संक्रमित थे, लेकिन उनकी मौत की असल वजह कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं था.

जिला में 85 कंटेनमेट जोन

जिला में प्रशासन की ओर से कोरोना के मद्देनजर कुल 85 कंटेनमेट जोन एक्टिव हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जिले में प्रतिदिन सामने आ रहे कोरोना के मरीजों में 68% मरीज कंटेनमेट जोन के बाहर के हैं.

जिले में 12 कंटेनमेट जोन ऐसे हैं, जिन्हें पॉजिटिव केस मिलने के बाद 14 दिनों से अधिक समय तक प्रतिबंधित रखा गया है. प्रत्येक कंटेनमेट जोन में 9.9 फीसदी लोग रह रहे हैं. इसके अलावा 11.2 फीसदी मरीज प्रत्येक कंटेनमेट जोन से सामने आये हैं.

10 अगस्त से 6 सितंबर के बीच मिले 1356 संक्रमित

पश्चिमी सिंहभूम में 10 से 16 अगस्त के बीच आरटीपीसीआर जांच के लिए कुल 2491, ट्रूनेट मशीन से जांच के लिए कुल 430 जबकि एंटीजन किट से कुल 1183 लोगों के सैंपल कलेक्ट किये गये. इसमें से आरटीपीसीआर से 61, ट्रूनेट से 39 जबकि एंटीजन किट से जांच के बाद 66 लोग पॉजिटिव पाये गये.

ठीक इसी प्रकार 17 से 23 अगस्त के बीच आरटीपीसीआर जांच के लिए कुल 1967, ट्रूनेट मशीन से कुल 542 जबकि एंटीजन किट से जांच के लिए कुल 745 लोगों के सैंपल लिये गये. इसमें से आरटीपीसीआर से 175, ट्रूनेट से 81 जबकि एंटीजन किट से जांच के बाद 44 लोगों में कोरोना के संक्रण की पुष्टि हुई.

इतना ही नहीं, 24 से 30 अगस्त के बीच आरटीपीसीआर जांच के लिए कुल 2381, ट्रूनेट मशीन से 1139 जबकि एंटीजन किट से 1674 लोगों के सैंपल कलेक्ट किये गये. इनमें आरटीपीसीआर से 118, ट्रूनेट से 78 जबकि एंटीजन किट से जांच में 73 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले.

वहीं, 31 अगस्त से 6 सितंबर के बीच आरटीपीसीआर जांच के लिए कुल 2813, ट्रूनेट मशीन से 971 जबकि एंटीजन किट से 11929 लोगों के सैंपल कलेक्ट किये गये. इसमें से आरटीपीसीआर से 234, ट्रूनेट से 94 जबकि एंटीजन किट से जांच के बाद 293 पॉजिटिव मरीज मिले हैं.

वेंटिलेटर का अब तक नहीं हुआ इस्तेमाल

पश्चिमी सिंहभूम जिले में कोविड-19 को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 524 सामान्य बेड के अलावा 128 ऑक्सीजन बेड, 9 आइसीयू बेड व 9 वेंटिलेटर बेड के इंतजाम किये गये हैं. इनमें से 462 सामान्य बेड के अलावा 17 ऑक्सीजन बेड व 1 आइसीयू बेड का इस्तेमाल अब तक कोरोना से संक्रमित लोगों को रखने के लिए किया गया है.

जिले में वेंटिलेटर बेड पर अब तक एक भी मरीज को नहीं रखा गया. ऐसे में 62 सामान्य बेड व 101 ऑक्सीजन बेड के अलावा 8 आइसीयू बेड की जरूरत अब तक नहीं पड़ी है. देखा जाये, तो 88.17 फीसदी सामान्य बेड, 13.28 फीसदी ऑक्सीजन बेड व 11.11 फीसदी आइसीयू बेड का उपयोग जिले में कोरोना मरीजों को रखने के लिए किया गया है.

Posted By : Mithilesh Jha

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