Chaibasa News : हथियार डालें, वरना अंजाम भुगताने को तैयार रहें नक्सली : एसपी

सुरक्षा बल सारंडा के घने साल जंगलों के चप्पे-चप्पे को छान रहे हैं सारंडा

चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने सारंडा के जंगलों में सक्रिय बचे-खुचे नक्सलियों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है, बेहतर होगा कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं और सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाएं.

50-52 नक्सलियों के छिपे होने की सूचना

करीब 26 दिन पहले हुई मुठभेड़ में अनल दा उर्फ राम मांझी समेत 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद सारंडा में सन्नाटा तो है, पर पुलिस के पास अब भी 50-52 नक्सलियों के छिपे होने की सूचना है. एसपी ने कहा कि सुरक्षा बल घने साल जंगलों के चप्पे-चप्पे को छान रहे हैं. नक्सलियों द्वारा बिछाये गये आइइडी को ढूंढकर नष्ट करने की कवायद जारी है. गिरिडीह और बूढ़ा पहाड़ की तर्ज पर जल्द ही सारंडा को भी पूरी तरह नक्सलमुक्त कर दिया जायेगा.

पुलिस की मोर्चाबंदी में फंसा एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा व असीम

एक करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल की तलाश तेज कर दी गयी है. खबर है कि सुरक्षाबलों की जबरदस्त मोर्चाबंदी के कारण ये नक्सली ओडिशा भागने की फिराक में हैं, पर फिलहाल सारंडा के छोटे दायरे में ही सिमट कर रह गये हैं. एसपी ने बताया कि सारंडा में चलाया गया पिछला ऑपरेशन सूचना तंत्र से लेकर ग्राउंड तक सबसे सफल रहा है. अब नक्सलियों का दायरा सिमट चुका है. उनके पुराने कैडर भी उम्रदराज होकर अपनी क्षमता खो चुके हैं.

आइइडी से ग्रामीणों और मवेशियों को भारी नुकसान:

एशिया के सबसे घने साल वनों के लिए प्रसिद्ध सारंडा में नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा के लिए जगह-जगह आइइडी बिछा रखी है. इसकी चपेट में आने से न केवल सुरक्षा बल के जवान शहीद और घायल हुए हैं, बल्कि जंगल पर निर्भर रहने वाले गरीब ग्रामीणों और उनके मवेशियों को भी जान गंवानी पड़ी है.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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