चक्रधरपुर. तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर स्थित ””””आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड”””” में बंधक बने झारखंड के करीब 60 मजदूर शनिवार की सुबह किसी तरह जान बचाकर चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे. एर्नाकुलम-टाटा एक्सप्रेस से पहुंचे मजदूरों की आपबीती ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. पश्चिमी सिंहभूम निवासी मजदूर अनिल सामड,रानी लेयांगी, बबिता पूर्ति, मानकी हेस्सा ने बताया कि हमें मजदूरी भी नहीं मिली, न किसी तरह की मदद मिली. हम मिल मालिकों के चंगुल से भागकर ट्रेन में टीटीइ को जुर्माना भरते हुए किसी तरह अपने घर लौटे हैं.
चक्रधरपुर स्टेशन में टीटीइ पर दुर्व्यवहार का आरोप
अपनों के बीच चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने पर भी मजदूरों की मुश्किलें कम नहीं हुईं. मजदूरों का आरोप है कि स्टेशन पर मौजूद टीटीइ ने उन्हें घेर लिया. पैसों की मांग करते हुए काफी देर तक रोके रखा. मजदूरों की जेब में खाने तक के पैसे नहीं थे. इसके बावजूद उन्हें परेशान किया गया. स्थानीय पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें जाने दिया गया. मजदूरों ने रास्ते में ट्रेन के पेंट्रीकार मैनेजर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.
कीड़े वाला खाना देते थे, विरोध करने पर पिटाई करते थे
मजदूरों ने खुलासा किया कि आलिया मिल्स में उन्हें कीड़े युक्त घटिया खाना परोसा जाता था. विरोध करने पर बाहर से लड़कों को बुलाकर उनकी और महिला मजदूरों की पिटाई करवायी जाती थी. मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था. गेट पर ताला लगा दिया जाता था. ओडिशा के एजेंट चंदन और सुशील ने अच्छी सैलरी का झांसा देकर उन्हें वहां भेजा था, लेकिन वहां सिर्फ प्रताड़ना मिली.