बोकारो में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार

देशभर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच बोकारो स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है. सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना कर दी गई है और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.

देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए बोकारो स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है. सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है और चिकित्सकों व पारा मेडिकल कर्मियों की टीम को अलर्ट मोड में रखा गया है. जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित एक भी मरीज नहीं मिला है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को बुखार और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है.

सिविल सर्जन कर रहे निगरानी, अस्पतालों को अलर्ट रहने का निर्देश

सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने जिले के सभी अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया है. उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले बुखार से पीड़ित मरीजों की गंभीरता से जांच की जाये और स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षण मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाये. सदर अस्पताल में चिकित्सकों और पारा मेडिकल कर्मियों की टीम तैयार रखी गयी है, जिसकी निगरानी सिविल सर्जन स्वयं कर रहे हैं.

डॉ प्रसाद ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सलाह से इससे बचाव संभव है. अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में स्लाइन और दवाएं उपलब्ध हैं. संभावित मरीज की पहचान होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जायेगा.

सामान्य फ्लू जैसे होते हैं शुरुआती लक्षण

सदर अस्पताल के आइसीयू-सीसीयू प्रभारी डॉ सौरव सांख्यान ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य मौसमी फ्लू जैसे ही होते हैं. इनमें बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बहना या नाक बंद होना शामिल है. कुछ मरीजों में मतली, उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है.

स्थिति गंभीर होने पर सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना, सीने में दर्द या दबाव, लगातार चक्कर आना या भ्रम की स्थिति, गंभीर या लगातार उल्टी तथा त्वचा या होंठों का नीला पड़ना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.

एच1एन1 वायरस से होता है संक्रमण

इएसआइसी अस्पताल बोकारो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रणधीर कुमार सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस के कारण होने वाला इन्फ्लूएंजा ए का एक प्रकार है. यह वायरस मौसमी फ्लू की तरह फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकली बूंदों के संपर्क में आने, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने या उसे छूने तथा संक्रमित सतह के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है.

लक्षणों और जांच के आधार पर होती है पहचान

स्वाइन फ्लू की पहचान मरीज के लक्षण, चिकित्सकीय इतिहास और प्रयोगशाला जांच के आधार पर की जाती है. इसके लक्षण सामान्य मौसमी फ्लू से काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती. संभावित संक्रमण की पहचान होने के बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे की जांच और उपचार किया जाता है.

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. परेशानी बढ़ने पर बिना देरी चिकित्सक से संपर्क करें और संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई, सावधानी तथा आवश्यक स्वास्थ्य उपायों का पालन करें.


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By Ranjeet kumar

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