वेक अप कॉल इंडिया फॉर बायोटेक्नोलॉजीकल रिसर्च में झारखंड के बोकारो की बिटिया श्वेता श्री ने लहराया परचम, शिक्षा पूरी करने के बाद ये काम करने की है इच्छा

Jharkhand News, रांची न्यूज (रोहित लाल महतो) : झारखंड के बोकारो जिले के कुम्हारडीह निवासी डॉ ओम प्रकाश साहू की पुत्री श्वेता श्री ने टेक्सास ए एंड एम कॉलेज स्टेशन यूएसए से एम एस बायोटेक्नोलॉजी की डिग्री डिस्टिंक्शन से पास कर झारखंड का नाम रौशन किया है. श्वेता श्री ने अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है. वेक अप कॉल इंडिया फॉर बायोटेक्नोलॉजीकल रिसर्च में झारखंड की बेटी श्वेता श्री ने परचम लहराया है. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद श्वेता श्री देश की जैव-प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए काम करना चाहती हैं.

Jharkhand News, रांची न्यूज (रोहित लाल महतो) : झारखंड के बोकारो जिले के कुम्हारडीह निवासी डॉ ओम प्रकाश साहू की पुत्री श्वेता श्री ने टेक्सास ए एंड एम कॉलेज स्टेशन यूएसए से एम एस बायोटेक्नोलॉजी की डिग्री डिस्टिंक्शन से पास कर झारखंड का नाम रौशन किया है. श्वेता श्री ने अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है. वेक अप कॉल इंडिया फॉर बायोटेक्नोलॉजीकल रिसर्च में झारखंड की बेटी श्वेता श्री ने परचम लहराया है. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद श्वेता श्री देश की जैव-प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए काम करना चाहती हैं.

श्वेता श्री ने अपनी बीटेक की पढ़ाई बीआईटी मेसरा से की और स्कॉलरशिप लेकर मास्टर्स की पढ़ाई (यूएसए) से की. अपनी मास्टर्स की रिसर्च में बायोफिजिक्स और बायोकेमिस्ट्री के फील्ड में काम किया और इसी इंटरेस्ट के साथ वो आगे यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय, अर्बाना कैंपेन में पीएचडी की डिग्री लेने जा रही हैं. अपनी रिसर्च में इन्होंने न्यूरो डीजेनेरेशन और कैंसर के कारणों पर रिसर्च किया और अपनी थीसिस पूरी की है. वो अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी और नाना-नानी को देती हैं. श्वेता श्री के पिता डॉ ओम प्रकाश साहू भगवान बिरसा जैविक उद्यान, ओरमांझी में पशु चिकित्सक हैं. वे झारखंड में 25 साल से कार्यरत हैं.

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श्वेता श्री का मानना है कि भारत स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशिक्षित पेशेवरों की कमी, चिकित्सा उपकरणों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की खराब पहुंच से पीड़ित है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अकल्पनीय है और यह पेशेवरों, हमारे जैसे शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य सेवा उद्योग की विफलता को दर्शाती है. उनका मानना है कि हमारे देश को बायोइंजीनियरिंग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत सारे सुधार और विकास की जरूरत है ताकि हम एक बेहतर भविष्य बना सकें और अगली बार के लिए तैयार हो सकें. हमें विदेशी प्रौद्योगिकियों और सुविधाओं पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है. इसी सोच के साथ अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद श्वेता श्री देश की जैव-प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए काम करना चाहती हैं.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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