एक करोड़ का इनामी नक्सली बोकारो के डेगागढ़ा से पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, छापामारी अभियान तेज

Jharkhand Naxal News (ऊपरघाट, बोकारो) : झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत नावाडीह प्रखंड के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र पोखरिया पंचायत के डेगागढ़ा से भाकपा माओवादी का कुख्यात हार्डकोर एक करोड़ का इनामी नक्सली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. वहीं, नक्सली को संरक्षण देने के मामले में पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

Jharkhand Naxal News (ऊपरघाट, बोकारो) : झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत नावाडीह प्रखंड के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र पोखरिया पंचायत के डेगागढ़ा से भाकपा माओवादी का कुख्यात हार्डकोर एक करोड़ का इनामी नक्सली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. वहीं, नक्सली को संरक्षण देने के मामले में पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

बताया जा रहा है कि उक्त माओवादी ऊपरघाट में तीन दिनों से सक्रिय होकर क्षेत्र में संगठन विस्तार करने में जुटा था. इस बीच गिरिडीह पुलिस को भनक लगी. लेकिन, पुलिस की घेराबंदी से पहले ही इनामी नक्सली पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.

सूत्रों की बात मानें, तो बोकारो जिले के हार्डकोर भाकपा माओवादी चिराग दा उर्फ रामचंद्र दा और चन्दू दा सहित ऊपरघाट के अन्य शहीद भाकपा माओवादियों का शहादत दिवस मनाने को लेकर पारसनाथ और झुमरा जोन के भाकपा माओवादी संगठन के कार्यकर्ता तैयारी करने में जुटे थे. क्षेत्र में नक्सलियों की चहलकदमी जोरों पर थी.

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बताया गया कि भाकपा माओवादियों की टोलियों का क्षेत्र का दौरा पिछले सप्ताह से ही चालू था. इस दौरान भाकपा माओवादी के सदस्य सभी पुराने सहयोगियों से सहमति जुटाने में लगे थे. इस दौरान भाकपा माओवादी शहीद बेदी पर माल्यार्पण कर शहीदों के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलायी जायेगी.

मालूम हो कि शहीद सप्ताह दिवस के कार्यक्रम के दौरान ही पुलिस मुठभेड़ में नक्सली चंदू दा की मौत हो गयी थी. भाकपा माओवादियों द्वारा हर साल 28 जुलाई से 3 अगस्त के बीच शहीद सप्ताह दिवस मनाते आ रहे हैं और इस दौरान पोस्टरबाजी और बैनर चौक- चौराहे पर लगा कर लोगों को शिरकत करने की कोशिश की जा रही है.

घुजा तुरी के शहादत दिवस पर निकलती थी मशाल जुलूस

भाकपा माओवादी के घुजा तुरी के शहादत दिवस पर वर्ष 1995 से 2000 तक विशाल मशाल जुलुश निकलता था जो ऊपरघाट के पेंक ,नारायणपुर होते हुए पोखरिया पंचायत के डेगागढ़ा मैदान में शहीद मेला के रूप में तब्दील होकर रात्री में क्रांतिकारी संगीत के साथ नुक्कड़ सभा का आयोजन किया जाता था. वहीं, रात में उपस्थित लोगों के बीच चुड़ा- गुड़ का भी वितरण किया जाता था. हालांकि, अब पुलिसिया दबिश के कारण ऐसे कार्यक्रम पर रोक लगी है.

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Posted By : Samir Ranjan.

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