एक साल से लापता लैब टेक्नीशियन संतोष का नहीं मिला सुराग, बाइक, संदिग्ध महिला और खून लगे कपड़ों तक पहुंची जांच

बोकारो सेक्टर-6 के लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार के लापता होने का मामला एक साल बाद भी अनसुलझा है. घर से निकले संतोष का कोई सुराग नहीं मिला, हालांकि जांच बाइक, सीसीटीवी फुटेज और खून लगे कपड़ों तक पहुंची.

बोकारो सेक्टर-6 थाना क्षेत्र के सेक्टर-6ए निवासी लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार के लापता होने के एक साल बाद भी रहस्य बरकरार है. 27 अगस्त 2025 की सुबह करीब 6.30 बजे घर से निकले संतोष अब तक वापस नहीं लौटे हैं. स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संतोष पिंड्राजोरा सरकारी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन थे. परिजनों की सूचना पर शुरू हुई गुमशुदगी की जांच बाद में अपहरण के मामले तक पहुंची, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस अब तक संतोष का कोई ठोस सुराग नहीं खोज सकी है.

लावारिस बाइक से शुरू हुई जांच, सीसीटीवी में दिखी महिला

संतोष के घर नहीं लौटने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. इसी दौरान हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-11 स्थित एक पेट्रोल पंप के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली. इसके बाद पुलिस ने पेट्रोल पंप और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज में संतोष की बाइक पर एक महिला के बैठने की जानकारी सामने आयी. पुलिस ने महिला के साथ एक ऑटो चालक से भी पूछताछ की. इस सुराग के बाद जांच का दायरा और बढ़ा, लेकिन संतोष के बारे में कोई निर्णायक जानकारी नहीं मिल सकी.

कई जिलों में तलाश, जंगल और दामोदर किनारे भी अभियान

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसपी हरविंदर सिंह ने 10 सितंबर 2025 को एसआइटी गठित की थी. तत्कालीन सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में टीम ने संतोष के मित्रों, परिचितों और रोजमर्रा के संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की. सेक्टर-6 से सेक्टर-11 तक संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये. इसके अलावा बोकारो के साथ धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, बंगाल और बिहार तक पुलिस ने संतोष की तलाश की. जंगल और दामोदर नदी से सटे इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया. डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरे की मदद लेने के बावजूद पुलिस को कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला.

ऑटो में मिले खून लगे कपड़ों से बढ़ा संदेह

जांच के दौरान एक ऑटो से खून के छींटे लगे कपड़े मिलने के बाद पुलिस को एक और अहम सुराग मिलने की उम्मीद जगी. कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. हालांकि, जांच रिपोर्ट में कपड़ों पर मिले खून को पशु का बताया गया. इसके बाद यह सुराग भी संतोष की गुमशुदगी से सीधे नहीं जुड़ सका.

संदिग्ध महिला से पूछताछ, नार्को टेस्ट भी नहीं हो सका

सीसीटीवी फुटेज में संतोष की बाइक पर दिखाई देने वाली महिला जांच का महत्वपूर्ण केंद्र बनी. पुलिस ने उससे पूछताछ की और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आयी. महिला के नार्को टेस्ट की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी, लेकिन जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य कारणों से गुजरात की टीम ने टेस्ट करने से इनकार कर दिया. ऐसे में जांच का यह अहम पहलू भी किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंच सका.

दो लाख रुपये का इनाम, सोशल मीडिया पर भी तलाश

लंबे समय तक संतोष का पता नहीं चलने के बाद पुलिस विभाग के साथ उनकी पत्नी और बेटे की ओर से भी जानकारी देने वाले के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गयी. परिवार सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से संतोष के बारे में जानकारी देने की अपील कर रहा है. परिवार को अब भी किसी ठोस सूचना का इंतजार है.

एसपी बोले- जल्द होगा मामले का उद्भेदन

बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि लापता लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले का जल्द उद्भेदन कर दिया जायेगा.

जांच के बीच अब भी अनसुलझे हैं ये सवाल

संतोष की आखिरी निश्चित लोकेशन क्या थी? उनकी बाइक सेक्टर-11 स्थित पेट्रोल पंप तक कैसे पहुंची? सीसीटीवी में बाइक पर दिखाई देने वाली महिला से संतोष का क्या संबंध था? उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किस निष्कर्ष तक पहुंचा? एसआइटी की झारखंड के अलावा बंगाल और बिहार तक की तलाश के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग क्यों नहीं मिला? एक साल बाद भी इन सवालों के जवाब संतोष की गुमशुदगी का रहस्य खोलने के लिए अहम बने हुए हैं.


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By Ranjeet kumar

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