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झारखंड के सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो बोले- प्राइवेट स्कूलों जैसी होगी व्यवस्था

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और भावी योजनाओं पर खुलकर बोलें शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो.
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और भावी योजनाओं पर खुलकर बोलें शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो.
फाइल फोटो.

Jharkhand News (उदय गिरि, फुसरो नगर, बोकारो) : झारखंड के 32,623 सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के कई उपाय किये जा रहे हैं. इसके लिए अध्ययन भी हो रहा है. स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, सांसद, विधायक, अभिभावक आदि सभी का सहयोग लेने का प्रयास होगा. सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों की बराबरी करे. शिक्षा में सुधार के लिए अभिभावकों, शिक्षकों व जनप्रतिनिधियों की इच्छा शक्ति को बढ़ाना होगा. प्रभात खबर से खास बातचीत में झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने उपरोक्त बातें कही.

बजट का 15 फीसदी राशि शिक्षा में हो रहा खर्च

शिक्षा मंत्री श्री महतो ने कहा कि झारखंड सरकार पूरे बजट का 15 फीसदी राशि सिर्फ शिक्षा में खर्च कर रही है. सरकार एक बच्चे के प्रति सलाना 20-22 हजार रुपये सभी मदों में खर्च करती है. बावजूद अभिभावकों का झुकाव प्राइवेट स्कूलों की और है. इसलिए राज्य सरकार की कोशिश है कि झारखंड के सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों जैसी व्यवस्था देने की कोशिश में विभाग जुटा है. जो पैसे सरकार एक बच्चे के प्रति साल भर में खर्च करती है, उस पैसे को हम सिस्टम से उपयोग में लायेंगे.

जैक बोर्ड गठन की फाइल मुख्य सचिव के पास

उन्होंने कहा कि अधिकांश अभिभावकों को यह जानकारी नहीं है कि सरकारी स्कूलों में हमारे एक बच्चे के पीछे सरकार कितनी राशि खर्च करती है.अभिभावक अगर इस बात को जान जाये तथा अपने दायित्व को समझे, तो सबकुछ बदल जायेगा. हर तरह की सुविधा स्कूलों में मिले इसके लिए कार्य किये जा रहे हैं. स्कूल भवनों की अब कमी नहीं है. कहीं-कहीं कुछ टीचर कम है. जिसकी भरपाई के लिए सरकारी वैकेंसी निकालने जा रही है. इसके लिए तैयारी की जा रही है. सभी का सहयोग चाहिए सुधार होगा. जैक बोर्ड के गठन से संबंधित संचिका मुख्य सचिव झारखंड के समक्ष भेजी गयी है.

जिला स्तर पर होंगे आदर्श विद्यालय 

शिक्षा मंत्री श्री महतो ने कहा कि सरकार जिला स्तर पर आदर्श विद्यालयों (मॉडल स्कूल) के रूप में चिह्नित 80 विद्यालयों में 27 उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. शेष 53 विद्यालयों पर प्रशासनिक स्वीकृति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. इन विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं बच्चों को मिलेगी.

209 हाई स्कूलों में से 88 को प्लस टू में अपग्रेड की प्रक्रिया अंतिम चरण में

वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 209 हाई स्कूलों को प्लस टू हाई स्कूल में उत्क्रमित करने का प्रस्ताव था, जिसमें 88 हाई स्कूलों को प्लस टू में उत्क्रमित की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इन विद्यालयों को अपग्रेड होने से गांव-देहात के बच्चों को प्लस टू की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना होगा. आसानी से गांव में ही बच्चे उच्च शिक्षा अर्जित कर सकेंगे. केवल बोकारो जिले में 74 स्कूल अपग्रेड होंगे.

45 लाख 436 स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार कटिबद्ध

उन्होंने कहा कि झारखंड में कक्षा एक से 12वीं तक के 35,441 स्कूलों में 45,00,436 स्टूडेंट्स नामांकित हैं. जिसमें 1,19,237 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं. इन स्कूलों में बच्चों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले यही हमारा प्रयास है. यहां अध्ययनरत बच्चों को पोषाक, पाठ्य पुस्तक, स्कूल कीट, छात्रवृत्ति, कक्षा 8 के बच्चों को साइकिल एवं मध्याह्ण भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है.

शिक्षकों को गृह जिला लाना लक्ष्य

राज्य के 57 हजार 237 सरकारी शिक्षकों के गृह जिले में स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने को लेकर जैप-आईटी के माध्यम से पोर्टल तैयार करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. पोर्टल का पायलट प्रारूप एक माह के अंदर तैयार कर लिया जायेगा. राज्य स्तर पर शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर एक नोडल ऑफिसर बनाया गया है. कौन किस जिला में कार्यरत है तथा वे कहां के हैं. नोडल ऑफिसर अपना रिपोर्ट देगा. हमारा लक्ष्य है शिक्षकों को गृह जिला में लाना है.

राज्य के 61 हजार पारा शिक्षकों के लिए हमारी सरकार बेहतर करेगी

शिक्षा मंत्री श्री महतो ने कहा कि राज्य के 61 हजार पारा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी. सीएम हेमंत सोरेन खुद इसके लिए कार्य कर रहे हैं. शिक्षा मंत्री बनने से पूर्व से ही पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर उनके साथ खड़ा रहा हूं. आज मेरी सरकार है, तो मेरा दायित्व है कि इन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिले. यह दुर्भाग्य है कि जिस दिन पारा शिक्षकों के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक थी, उसी दिन 28 सितंबर को मैं कोरोना पॉजिटिव हो गया. जिसके बाद से लगभग 8.5 माह इलाजरत रहा. ऐसा नहीं तो हम काफी आगे इस मामले में बढ़ गये होते. पारा शिक्षकों के कल्याण कोष, स्थायीकरण, वेतनमान पर आज भी सरकारी स्तर पर विचार चल रहा है. जल्द इस पर निर्णय सरकार करेगी.

जो स्कूल अस्थायी है, उन्हें भी अनुदान मिले, इसके लिए हो रहा विचार

राज्य में जो भी स्कूल-मदरसे प्रक्रिया के तहत संचालित है. जिन्हें स्थापना अनुमति मिली है. उन सभी को अनुदान राशि दी जा रही है. जो विद्यालय अस्थायी हैं, उन्हें अनुदान मिले इसके लिए विचार किया जा रहा है. राज्य में कुल संचालित 183 मदरसों में 46 मदरसों को अनुदान दिया जा रहा है. इसी तरह राज्य में कुल संचालित 33 संस्कृत स्कूलों में से 12 स्कूलों को अनुदान राशि दी जा रही है.

मध्याह्ण भोजन मद में 53,567.75 लाख आवंटित

राज्य के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वित्तीय वर्ष 2020-21 के अंतर्गत मध्याह्ण भोजन मद में कुल 67.75 लाख आवंटित किये गये है. कक्षा 9-10 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शत-प्रतिशत पुस्तक का वितरण किया जा चुका है.

एक नजर झारखंड के स्कूलों की स्थिति पर

राज्य में स्कूलों की संख्या (प्राथमिक, उच्चतर प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक) : 35,441
राज्य में प्राथमिक, उच्चतर प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या :
1. सरकारी शिक्षक : 57,237
2. पारा शिक्षक : 61,000
3. कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक : 1000 (कुल- 1,19,237 शिक्षक)

राज्य में वित्तीय वर्ष 2019-20 में नामांकित बच्चों की संख्या :

प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) : 24,88,420
उच्चतर प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) : 12,91,469
माध्यमिक (कक्षा 9 और 10) : 5,40,343
उच्चतर माध्यमिक ( कक्षा 11वीं और 12वीं) : 1,84,133
राज्य में कुल स्टूडेंट्स की संख्या : 4,50,436

कोरोना काल में सरकार शिक्षा के साथ अन्य विभागों में भी कर रही बेहतर कार्य

झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन व अन्य कैबिनेट के साथी मंत्री इस कोरोना काल में बेहतर कार्य कर रहे हैं. केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सभी विभागों में ऐसे कार्य हो रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है. सरकार के कृषि ऋण माफी, बिजली बिल ब्याज माफी योजना का लाभ सीधे ग्रामीण ले रहे हैं. इसके अलावा हर एक पंचायत में विधायक द्वारा अनुशंसित 5-5 चापाकल लगाये जा रहे हैं. पिछली सरकार में यह बंद था. सभी विधानसभा क्षेत्र में 20-20 किमी नये रोड़ तथा एक-एक पुल की अनुशंसा अब विधायक कर सकेंगे. एक-एक विधानसभा में 20 किमी रोड व एक पुल बनेगा. किसानों को समय पर बीज का वितरण किया गया.

Posted By : Samir Ranjan.

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