रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार के कार्यो में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने वाले नौ पदाधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है. इनमें चार पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप में निगरानी जांच का आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है कि सरकारी कार्यो में गतिशीलता आये तथा सरकारी पदाधिकारी अपने कार्य में सुधार लायें.
सीएम ने सिंचाई अंचल जामताड़ा के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता नंद किशोर साहू के खिलाफ निगरानी जांच का आदेश दिया है. उनके खिलाफ सरकारी राशि के गबन, दुरुपयोग एवं अनियमितता का आरोप है.
सीएम ने स्वर्णरेखा परियोजना की निविदाओं में अनियमितता के आरोप में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार, कार्यपालक अभियंता पुरुषोत्तम प्रसाद सिंह, विशंभर चौबे पर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के उपनिदेशक व तत्कालीन जिला उद्योग केंद्र मेदिनीनगर के जीएम दिलीप कुमार शर्मा की दो वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है. इनके विरुद्ध वर्ष 2009 में मेदिनीनगर के जीएम के पद पर रहते हुए अपने कार्यकाल के दौरान बंद औद्योगिक इकाईयों को कोयला आपूर्ति के लिए अनुशंसा करने, कोयले की कालाबाजारी में इकाइयों को सहयोग प्रदान करने आदि का आरोप है. सीएम ने बोकारो के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार झा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का आदेश दिया है. इसके अलावा एनआरइपी हजारीबाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सुरेश कुमार व कनीय अभियंता सुनील कुमार झा के विरुद्ध निगरानी जांच का आदेश दिया है. इन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं.
