विधायक के भाई के खाते में आये 12 लाख

रांची: वर्ष 2010 में हुए राज्यसभा चुनाव के ठीक आठ दिन बाद किसी ने विधायक जनार्दन पासवान के भाई अर्जुन पासवान के बैंक खाते में 12 लाख रुपये नकद जमा किये थे. जनार्दन पासवान के पारिवारिक सदस्यों के नाम खरीदी गयी जमीन के मालिक के खाते में भी 10 लाख रुपये नकद जमा किये गये […]

रांची: वर्ष 2010 में हुए राज्यसभा चुनाव के ठीक आठ दिन बाद किसी ने विधायक जनार्दन पासवान के भाई अर्जुन पासवान के बैंक खाते में 12 लाख रुपये नकद जमा किये थे. जनार्दन पासवान के पारिवारिक सदस्यों के नाम खरीदी गयी जमीन के मालिक के खाते में भी 10 लाख रुपये नकद जमा किये गये थे.

इन्हीं पैसों से विधायक के पारिवारिक सदस्यों के नाम जमीन खरीदी गयी थी. इस कारण आशंका जतायी जा रही है कि चुनाव में हुई हॉर्स ट्रेडिंग के तहत विधायक के भाई के खाते में घूस की रकम जमा करायी गयी थी.

नकद भुगतान किये गये थे : हॉर्स ट्रेडिंग की जांच के दौरान सीबीआइ को विधायक जनार्दन पासवान के पारिवारिक सदस्यों के नाम जमीन खरीदे जाने की सूचना मिली थी. चतरा निबंधन कार्यालय ने विधायक की पत्नी सुनीता देवी, पुत्र प्रदीप कुमार और भाई अजरुन पासवान के नाम जमीन खरीदे जाने की पुष्टि की. जमीन मालिक को कुल 24.50 लाख रुपये नकद भुगतान करने की भी पुष्टि हुई. नकद भुगतान के नियम विरुद्ध और संदेहास्पद होने की वजह से इस मामले में विस्तृत जांच की गयी.

पांच सेल डीड के सहारे हुई रजिस्ट्री : जांच में पाया गया कि 17 मई 2010 को हुए राज्यसभा चुनाव के आठ दिन बाद किसी ने 23 जून 2010 को जमीन मालिक के बैंक खाते में 10 लाख रुपये नकद जमा किये. इसके बाद जमीन मालिक ने 25 जून 2010 को तीन सेल डीड के सहारे अजरुन पासवान और सुनीता देवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री कर दी. दूसरी बार विधायक के भाई अजरुन पासवान के बैंक खाते में 26 जून 2010 को 12 लाख रुपये जमा कराये गये. विधायक के भाई ने यह राशि जमीन मालिक के नाम ट्रांसफर कर दी. इसके बाद नौ जुलाई 2010 को विधायक के पुत्र प्रदीप कुमार और भाई अजरुन पासवान के नाम दो सेल डीड के सहारे जमीन की रजिस्ट्री हुई.

विधायक के भाई ने भ्रमित करने की कोशिश की : सीबीआइ ने जांच में मिले इन तथ्यों के आधार पर विधायक के भाई अजरुन पासवान से पूछताछ की. पूछताछ में वह एक ही दिन में अपने खाते में 12 लाख रुपये जमा होने पर कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके. पहले उन्होंने जांच अधिकारियों को यह कह कर भ्रमित करने की कोशिश की कि उन्होंने ठेके पर कुछ काम किया है. इसी काम के बदले उन्हें यह राशि मिली है. हालांकि वह किसी तरह की ठेकेदारी और भुगतान के अपने दावे को कागजी तौर पर साबित नहीं कर पाये. इससे हॉर्स ट्रेडिंग की राशि से जमीन खरीदे जाने की आशंका जतायी जा रही है.

विधायक जनार्दन पासवान की ओर से खरीदी गयी जमीन का ब्योरा

कागजी मूल्य सेल डीड नंबर खरीद की तिथि किसके नाम खरीदा

4.50लाख 4813/4772/2010 25-6-2010 सुनीता देवी(पत्नी), अजरुन पासवान(भाई)

4.50 लाख 4809/4773/2010 25-6-2010 सुनीता देवी(पत्नी), अजरुन पासवान (भाई)

4.50 लाख 4816/4775/2010 25-6-2010 सुनीता देवी(पत्नी), अजरुन पासवान(भाई)

एक लाख 5138/5090/2010 9-7-2010 प्रदीप कुमार(पुत्र), अजरुन पासवान(भाई)

10 लाख 5154/5096/2010 9-7-2010 प्रदीप कुमार(पुत्र), अजरुन पासवान(भाई)

कब क्या हुआ

23 जून 2010 : जमीन मालिक के बैंक खाते में 10 लाख रुपये नकद

25 जून 2010 : तीन सेल डीड के सहारे अजरुन पासवान व सुनीता देवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री हुई

26 जून 2010 : विधायक के भाई अजरुन पासवान के बैंक खाते में 12 लाख रुपये जमा

09 जुलाई 2010 : विधायक के पुत्र प्रदीप कुमार और भाई अजरुन पासवान के नाम दो सेल डीड के सहारे जमीन की रजिस्ट्री हुई

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >