1. home Hindi News
  2. state
  3. haryana
  4. haryana reservation 75 percent private sector reservation in india change private sector manohar lal khattar government

हरियाणा में बीजेपी सरकार ने स्थानीय को दिया 75 फीसदी आरक्षण तो भड़के सोशल मीडिया यूजर्स, कहा- 'संविधान के खिलाफ'

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मनोहर लाल खट्टर
मनोहर लाल खट्टर
Twitter

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के लोगों को निजी नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर सोशल मीडिया में जमकर आलोचना कर रहे हैं. कई लोग इस फैसले को भारतीय संविधान के खिलाफ बता रहे हैं तो, कुछ इसे सरकार का जुमला बता रहे हैं. बता दें कि सरकार ने सोमवार को हरियाणा में स्थानीय निवासी को निजी नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने वाला अध्यादेश पारित किया है.

सोशल मीडिया रिएक्शन- सोशल पर @nikhilbhargava नामक ट्विटर हैंडलर ने इसपर ट्वीट किया है. निखिल ने अपने ट्वीट में लिखा है 'यह फैसला संविधान से अलग है. भारत का संविधान सबको एक सामान्य मौका देता है.' वहीं @yashshrivastva नाम के यूजर्स ने लिखा है, 'यह फैसला बेवकूफाना है. अब हरियाणा से कंपनी दिल्ली और एनसीआर मूव कर लेगी. कोई भी कंपनी योग्य को नौकरी देगी न की क्षेत्रिय को.'

@sunnyverma नामक ट्विटर यूजर्स ने हरियाणा सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सीएम पिछले पांच साल से सरकारी नौकरी दे नहीं रहे हैं और प्राइवेटका नियम बदल रहे हैं, जब नौकरी ही नहीं है तो नियम से क्या होगा. एक अन्य यूजर्स @rdbharti ने लिखा 'हरियाणा सरकार 75% आरक्षण हरियाणा के स्थानीय लोगों को देगी, इससे प्रदेशवाद को बढ़ावा मिलेगा, जबकि आज भी SC/ST/OBC को अपने प्रदेश के अलावा किसी अन्य प्रदेशों में कोई आरक्षण नहीं मिलता ! संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है !'

आरक्षण लागू- हरियाणा (Haryana) में अब स्थानीय लोगों को प्राइवेट नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी. उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने ट्वीट कर कहा कि हरियाणा में प्राइवेट नौकरियों (Private Jobs) में 75 फीसदी हरियाणवी युवाओं की भर्ती को अनिवार्य किया जाएगा. आगामी बैठक से अध्यादेश को मंजूरी मिलते ही निजी क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण (75% Reservation) लागू हो जाएगा.

हरियाणा का मूल निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य- उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि निजी क्षेत्र में यह कानून 50,000 से कम वेतन वाली रिक्तियों पर ही लागू होगा. प्रदेश के युवाओं को नौकरी हासिल करने के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र दिखाना होगा. इस कानून को लागू करवाने की जिम्मेदारी श्रम विभाग की होगी। कानून के दायरे में आने वाली प्रत्येक फर्म, फैक्ट्री अथवा आउट सोर्सिंग कंपनी को अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का विस्तार पूर्वक डाटा सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा.

Posted By : Avinsih Kumar Mishra

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें