-
दिल्ली में कोरोना का कहर जारी, 1 दिन में 2700 से अधिक नये मामले
-
कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए दिल्ली में सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद
-
दिल्ली में 9वीं से 12वीं के छात्रों को अभिभावकों की सहमति पर स्कूल बुलाया जा सकता है
दिल्ली में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 24 घंटे में 2790 नये मामले सामने आये हैं और 9 लोगों की मौत हो गयी है. इधर कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए अगले आदेश तक स्कूल को बंद कर दिया गया है.
दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि अगला आदेश जारी किए जाने तक नये अकादमिक सत्र में किसी भी कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा. शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों से यह भी कहा है कि अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए शिक्षण गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल से डिजिटल माध्यम से शुरू की जा सकती हैं.
निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश में कहा, यह स्पष्ट किया जाता है कि अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए किसी भी विद्यार्थी को अगले आदेश तक स्कूल में आने के लिए नहीं कहा जाएगा. हालांकि, नये अकादमिक सत्र में शिक्षण गतिविधियों को विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल 2021 से डिजिटल माध्यमों से शुरू किया जा सकता है.
शिक्षा निदेशालय के ये निर्देश राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद आए हैं. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल मार्च में दिल्ली के स्कूलों को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से पहले ही बंद कर दिया गया था.
कई राज्यों ने जहां अक्टूबर में आंशिक तौर पर स्कूलों को फिर से खोल दिया था वहीं दिल्ली सरकार ने 18 जनवरी से पांच फरवरी तक प्रैक्टिकल कार्यों के लिए नौंवी कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को फिर से खोला था.
निदेशालय ने कहा, यह दोहराया जाता है कि कोरोना सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए और परिजनों की सहमति से कक्षा नौ से 12वीं तक (अकादमिक सत्र 2020-21) के विद्यार्थियों को मध्यावधि, प्रीबोर्ड-बोर्ड, वार्षिक परीक्षाओं, व्यावहारिक परीक्षा, परियोजना कार्य, आंतरिक मूल्यांकन के लिए मार्गदर्शन और सहायता देने के लिए स्कूल बुलाया जा सकता है.
गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना के सक्रिय मामले अब भी 10498 है, जबकि अब तक 11036 लोगों की मौत हो गयी. इसके अलावा अब तक 6,43,686 लोग कोरोना से ठीक होकर घर लौट चुके हैं.
Posted By – Arbind kumar mishra
