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तनिष्क ने वापस लिया दो अलग-अलग धर्मों को माननेवाले लोगों के परिवार पर आधारित विज्ञापन

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : आभूषण ब्रांड तनिष्क ने मंगलवार को अपने उस विज्ञापन को वापस ले लिया, जिसमें दो अलग-अलग धर्मों को माननेवाले लोगों के एक परिवार को दिखाया गया है. तनिष्क ने सोशल मीडिया पर तीखे हमले किये जाने के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया, जिसमें कुछ लोगों ने उस पर 'लव जिहाद' और 'फर्जी धर्मनिरपेक्षता' को बढ़ावा देने के आरोप लगाये थे. तनिष्क ने एक बयान में कहा कि वह ''भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंचने से दुखी है.'' उसने कहा, ''इस फिल्म ने अपने उद्देश्य के विपरीत भावनाओं को ठेस पहुंचायी और इस पर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आयीं.''

कंपनी के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर तीव्र बहस शुरू हो गयी. तनिष्क ने अपने आभूषण संग्रह 'एकत्वम' को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन पिछले सप्ताह जारी किया था और तभी से इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था. इस विज्ञापन को लेकर ट्विटर पर हैशटैग 'बायकॉट तनिष्क' ट्रेंड करने लगा था. 43 सेकंड के इस विज्ञापन में एक गर्भवती महिला को उसकी 'गोद भराई' की रस्म के लिए एक महिला द्वारा ले जाते हुए दिखाया गया था. बाद में लोगों को एहसास हुआ कि जो महिला उसे ले जा रही थी, वह उसकी सास थी. विज्ञापन में साड़ी और बिंदी लगाये जवान महिला अधिक आयु वाली महिला को मां कह कर संबोधित करती है, जिसने सलवार कुर्ता पहन रखा है और अपना सिर दुपट्टे से ढंक रखा है.

जवान महिला सवाल करती है, ''आप यह रस्म नहीं करतीं?'' इस पर मां जवाब देती है, ''पुत्रियों को खुश रखने की परंपरा हर घर में होती है.'' विज्ञापन में संयुक्त परिवार को दिखाया गया है, जिसमें हिजाब पहने एक महिला, साड़ी पहनी महिलाएं और नमाजी टोपी पहने एक व्यक्ति दिखता है. यूट्यूब पर वीडियो के बारे में लिखा है, ''उसका विवाह एक ऐसे परिवार में हुआ है, जो उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करता है. केवल उसके लिए वे एक ऐसी रस्म करते हैं, जो वे आमतौर पर नहीं करते. दो अलग अलग धर्मों, परंपराओं और संस्कृतियों का एक सुंदर संगम.'' विज्ञापन को लेकर बहस शुरू हो गयी और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने और टाटा के ब्रांड के बहिष्कार की मांग करते हुए ट्वीट किये जाने लगे.

तनिष्क ने सबसे पहले यूट्यूब पर अपने विज्ञापन पर टिप्पणियों तथा 'लाइक्स' और 'डिस्लाइक्स' को बंद किया और मंगलवार को वीडियो पूरी तरह से वापस ले लिया. तनिष्क के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''हम भावनाओं को ठेस पहुंचने से बहुत दुखी हैं और भावनाएं आहत होने के साथ ही अपने कर्मचारियों, साझेदारों और स्टोर कर्मियों की कुशलता को ध्यान में रखते हुए हम इस फिल्म को वापस ले रहे हैं.'' प्रवक्ता ने कहा कि एकत्वम अभियान के पीछे विचार जीवन के विभिन्न क्षेत्रों, स्थानीय समुदायों और परिवारों के लोगों का इस चुनौतीपूर्ण समय में एकसाथ आना और एकता की सुंदरता का जश्न मनाना था. विज्ञापन वापस लेने को लेकर ट्विटर पर एक नयी बहस शुरू हो गयी.

इसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर, लेखक चेतन भगत और अभिनेत्री स्वरा भास्कर शामिल हो गयीं. वहीं, इस विज्ञापन में अपनी आवाज देनेवाली अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने कहा कि यह अत्यंत निराशाजनक है कि आभूषण ब्रांड ने प्रतिकूल प्रतिक्रिया के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया. जब एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने सवाल किया कि क्या विज्ञापन में उनकी आवाज है, दिव्या दत्ता ने जवाब दिया, ''हां, यह मेरी आवाज है. यह दुखद है कि इसे वापस लिया गया है.''

थरूर ने ट्वीट किया, ''तो कट्टर हिंदुत्वादियों ने बहिष्कार का आह्वान किया है? हिंदू-मुस्लिम एकता को इस खूबसूरत विज्ञापन के जरिये सामने लाने के लिए तनिष्क ज्वेलरी के बहिष्कार करने का आह्वान किया है. अगर हिंदू-मुस्लिम 'एकत्वम' उन्हें इतना परेशान करता है, तो वे दुनिया में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक-भारत का बहिष्कार क्यों नहीं करते हैं.'' थरूर के सहयोगी अभिषेक सिंघवी ने उनका साथ दिया. सिंघवी ने ट्वीट किया, ''तनिष्क के विज्ञापन का बहिष्कार करनेवालों को पुत्रवधु नहीं दिखती जो अपनी सास के साथ खुश है. आपने बहुत धारावाहिक और समाचार देखे हैं.''

'टू स्टेट्स' के लेखक भगत ने कहा कि कंपनी को धौंस में नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा, ''टाटा समूह के तौर पर तनिष्क से उम्मीद थी कि वह निष्पक्ष और साहसी होगा. यदि आपने कुछ भी गलत नहीं किया है, यदि आपने हमारे देश के बारे में कुछ सुंदर दिखाया है, तो परेशान मत होइए. भारतीय बनो. मजबूत बनो.'' अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी आलोचना की और ट्वीट करते हुए कहा, ''इतनी बड़ी कंपनी, इतनी कमजोर रीढ़.''

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने कहा, ''टीबीएच, पेड ट्विटर ट्रेंड्स और गढ़े हुए आक्रोश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना सिर्फ अदूरदर्शी है. विज्ञापन प्यारा था. इसके साथ खड़े होने से वे दूरदर्शी बनते.'' ब्लॉगर और लेखिका ऋचा सिंह ने कंपनी का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जो यह उपदेश दे रहे हैं कि तनिष्क को विज्ञापन वापस नहीं लेना चाहिए, जाहिर तौर पर उनकी आभूषणों की दुकानें नहीं हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ''वर्तमान समय जैसे उपद्रवी माहौल में वे पहले अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक हितों की रक्षा करेंगे और फिर आपके इंकलाब के बारे में सोचेंगे. तो कृपया, इसे रहने दें.''

ध्रुवीकरण नौ अक्टूबर से ही प्रत्यक्ष तौर पर दिख रहा था, जब विज्ञापन पहली बार जारी किया गया था. कई लोगों ने तनिष्क को 'काल्पनिक' अंतर धार्मिक संबंध पेश करने और 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने के लिए आड़े हाथ लिया था. वहीं, कई अन्य लोगों ने उसकी सामंजस्यपूर्ण भारत दिखाने के लिए सराहना की थी. पूर्व आईएएस अधिकारी एवं लेखक संजय दीक्षित ने ट्वीट किया, ''तनिष्क ज्वेलरी की 'एकत्वम' शृंखला का विज्ञापन एक काल्पनिक 'अंतर-आस्था' मिलन पेश करता है, एक मुस्लिम परिवार में एक हिंदू बहू को एक हिंदू रस्म करने की अनुमति दी जाती है. यह और कुछ नहीं बल्कि लव जिहाद का प्रचार है ...''

भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद गीता कोथपल्ली ने इस विज्ञापन को ''अत्यंत आपत्तिजनक और लव-जिहाद को सामान्य बनानेवाला'' बताया. उन्होंने ट्वीट किया, ''मैं जानना चाहती हूं कि इस विज्ञापन का निर्देशन किसने किया और किसने लिखा?'' तनिष्क के बहिष्कार की आवाज बढ़ने के साथ ही इसके समर्थन में कई लोग सामने आ गये. कुछ ने तनाव को दूर करने के लिए हास्य का इस्तेमाल किया. संदीप नाम के एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने ट्वीट किया, ''लोग तनिष्क के बहिष्कार को इस तरह से ट्रेंड करा रहे हैं, जैसे वे दैनिक आधार पर उससे गहने खरीदते हैं.''

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